कार्यालय अव्यवस्थित होने पर डीएम बहराइच ने डीपीओ और सीडीपीओ समेत पांच का वेतन रोका

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बहराइच, अमृत विचार। शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति और अन्य सुविधाओं का जायजा बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मोनिका रानी ने विकास खण्ड रिसिया में लिया। डीएम ने मुख्यालय परिसर में स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय, ब्लाक रिसिया का मनरेगा सेल, बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय, सीएचसी रिसिया व ब्लाक परिसर में क्षेत्र पंचायत व कन्वर्जन निधि से निर्माणाधाीन पार्क का निरीक्षण किया।

राजकीय पशु चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मौजूद पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ललित से ओपीडी में आने वाले पशुपालकों व उपचारित पशुओं की संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि ओपीडी पंजिका को अद्यतन रखा जाय। डीएम ने निर्देश दिया कि ओपीडी पंजिका में पशुपालक तथा उपचारित पशुु का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाय। औषधि कक्ष के निरीक्षण के दौरान औषधि वितरण पंजिका प्रस्तुत न किये जाने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि पशु चिकित्सालय से सम्बन्धित समस्त पंजिकाओं को डे-बाई-डे अपडेट किया जाए। 

बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सीडीपीओ अनूप कुमार, मुख्य सेविका मंजू वर्मा, मोनिका झींगरन व मीनाक्षी गुप्ता अनुपस्थित पाये गये। मौके पर मौजूद कनिष्ठ सहायक सरोज कुमार ने बताया कि सभी कार्मिक क्षेत्र में हैं। डीएम द्वारा भ्रमण पंजिका मांगे जाने पर कनिष्ठ सहायक द्वारा भ्रमण पंजिका प्रस्तुत नहीं की जा सकी। कार्यालय में उपलब्ध कुर्सी की बुनाई टूटी होने, कार्यालय भवन व स्टोर में प्लास्टर टूटा-फूटा पाये जाने पर डीएम ने डीपीओ सहित सभी अनुपस्थित पाये गये कार्मिकों का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए। कार्मिकों की अनुपस्थिति का संज्ञान लेते हुए डीएम द्वारा डीपीओ को निर्देशित किया गया है कोई भी कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर बनाने तथा भ्रमण पंजिका में विवरण दर्ज करने के पश्चात ही कार्यालय छोड़ेगा।

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