रिपोर्ट दर्ज होने पर भड़के अधिवक्ता, कोतवाली का किया घेराव
तिलहर/ शाहजहांपुर, अमृत विचार। राजस्व निरीक्षक की ओर से दो अधिवक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने मंगलवार की देर शाम कोतवाली का घेराव किया और नारेबाजी करते हुए राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध रिश्वत मांगने तथा मारपीट करते हुए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। प्राथमिकी दर्ज न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
थाना निगोही के गांव संडाखास निवासी मुनेंद्र कुमार एडवोकेट तमाम अधिवक्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 16 जुलाई को वह अपने साथी अवनीश माथुर के साथ राजस्व निरीक्षक के कार्यालय गए थे, जहां नायब तहसीलदार निगोही के न्यायालय में विचाराधीन एक मुकदमे की पत्रावली का मुआयना करना था। आरोप है कि पत्रावली का मुआयना करने के बदले राजस्व निरीक्षक ने सौ रुपये की रिश्वत मांगी। प्रतिरोध करने पर राजस्व निरीक्षक ने अपने साथियों के साथ उन लोगों को पकड़ लिया और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान राजस्व निरीक्षक ने जेब से 500 रुपये भी निकाल लिए। शोर शराबा सुनकर अन्य अधिवक्ताओं के आने पर उन्होंने राजस्व निरीक्षक के शिकंजे से बचाया। प्रभारी निरीक्षक विशाल प्रताप सिंह ने बताया तहरीर मिली है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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