फलस्तीन ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का किया आह्वान, अमेरिका हुआ राजी
संयुक्त राष्ट्र। फलस्तीन के विदेश मंत्री ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन इज़राइल और फलस्तीनियों के बीच शांति समझौते पर बातचीत को गति प्रदान करने का एकमात्र तरीका है। इस पर अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ट्रंप के प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। फलस्तीन के शीर्ष राजनयिक …
संयुक्त राष्ट्र। फलस्तीन के विदेश मंत्री ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन इज़राइल और फलस्तीनियों के बीच शांति समझौते पर बातचीत को गति प्रदान करने का एकमात्र तरीका है। इस पर अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ट्रंप के प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है।
फलस्तीन के शीर्ष राजनयिक रियाद मल्की ने (फलस्तीन के) राष्ट्रपति महमूद अब्बास के अगले साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रस्ताव का जोरदार समर्थन किया। मल्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा, इसके अलावा कुछ और निरर्थक होगा।संयुक्त राष्ट्र महासभा की वश्वि नेताओं की वार्षिक बैठक के दौरान ऑनलाइन संबोधन में अब्बास ने सम्मेलन का आह्वान किया।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से पश्चिम एशिया के मध्यस्थों की तथाकथित चौकड़ी (अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और रूस) को तैयार करने का आह्वान किया। अमेरिकी राजदूत केली क्राफ्ट को सम्मेलन के परिणामों को लेकर संदेह था लेकिन उन्होंने कहा कि वह अब्बास की सम्मेलन की अपील पर अमल के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन और इज़राइल बेहद करीबी माने जाते हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र में इज़राइल के नए राजदूत गिलाद एर्डन ने फलस्तीन की अपील का विरोध करते हुए, अब्बास पर इज़राइल द्वारा किए गए हर शांति प्रस्ताव को अस्वीकार करने और संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और सूडान के साथ इज़राइल के हालिया समझौतों की आलोचना करने का आरोप लगाया।
