मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश, करोड़ों रुपए डकार कर चली गई कंपनी
अब खुली कलाई तो दर-दर भटक रहे हैं निवेशक, ढूंढे नहीं मिल रहे एजेंट
मेहनत की कमाई जाने के बाद परिवारों का हो गया है बुरा हाल, भूख प्यास हुई गायब
कासगंज, अमृत विचार : हर रोज मुनाफा होगा। अच्छी कमाई होगी। आंशिक निवेश में मोटी कमाई कर सकोगे और अच्छी रकम मिलेगी, जिससे सिर्फ परिवार की समृद्धि ही नहीं होगी, बल्कि ऐसो आराम की जिंदगी जी सकोगे। यह झांसा अमेरिका की एक कंपनी डाई ने निवेशकों को दिया। स्थानीय स्तर पर एजेंट तैयार किए और इन एजेंटों के माध्यम से करोड़ों रुपए निवेश करा लिए। हालांकि, कुछ निवेशकों को हर दिन मुनाफा दिखाते हुए धनराशि भी दी, लेकिन कुछ इस तरह उलझाया कि उनकी धनराशि भी कंपनी डकारती रही। आखिरकार जब करोड़ों रुपए कमा लिए तो यह कंपनी भाग गई है। अब इस कंपनी में निवेश करने वाले सैकड़ो लोग दर-दर भटक रहे हैं।
कंपनी एजेंट की तलाश कर रहे हैं। न तो एजेंट मिल रहे हैं और न ही कंपनी का कुछ अता पता चल रहा। इस पर अब साइबर क्राइम पुलिस का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि, अभी पुलिस ने इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। डाई कंपनी में शहर के ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के सैकड़ो लोगों ने निवेश किया। कंपनी ने भरोसा दिया कि दो करोड रुपए तक का निवेश करना होगा और प्रतिदिन एक लाख रुपये मिलेंगे। एक साल तक रुपये मिलते रहेंगे। उसके बाद दो करोड रुपये भी पूरे मिल जाएंगे। इस तरह का झांसा दिखाया कि निवेशक इस कंपनी के जाल में फंसते ही चले गए। निवेशक कंपनी के बाहरी एजेंट नहीं, बल्कि यहां के रसूखदार लोगों को कंपनी ने अपने झांसे में लिया और उनके माध्यम से अन्य निवेशकों को अपनी जलसाजी का शिकार बनाया।
लगभग दो साल से कासगंज में यह कंपनी जलसाजी करती रही। लोग उसका शिकार बनते रहे। धनराशि कंपनी को जमा करते रहे। कुछ निवेशकों को रुपये वापस भी मिलते रहे तो वे और अधिक उत्साहित हो गए और फिर अपने अन्य परिचितों को भी निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने लगे। फिर धीमे-धीमे एक के बाद एक कड़ी जुड़ती गई और कारवां लंबा हो गया, लेकिन यह धोखाधड़ी की कतार थी। अब पिछले दिनों कंपनी भाग गई है और निवेशकों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। करोड़ों रुपए लेकर भागी कंपनी ढूंढे नहीं मिल रही है और इसके एजेंट भी नहीं मिल रहे। हालांकि, अब पुलिस से ही उम्मीद है, लेकिन पुलिस भी कोई खास दिलचस्प नहीं दिख रही। साइबर क्राइम पुलिस दावा तो कर रही है, लेकिन पुलिस के अधिकारी कुछ खास जवाब नहीं दे पा रहे।
कंपनी के पास थी कई स्कीम
कंपनी के पास 500 रुपये से लेकर 2 करोड रुपए की स्कीम थी, जिसमें 5000 रुपये प्रतिदिन जमा करने पर 190 रुपए प्रतिदिन एवं 35000 रुपये प्रतिदिन जमा करने पर 2035 रुपए प्रतिदिन निवेशक को मिलने का प्लान था। उसके बाद जमा की गई धनराशि एक साथ देने का प्लान बताया गया था। कंपनी के पास दो करोड रुपए तक का प्लान था और सभी प्लान लुभावने थे।
20 जुलाई को हुआ था कार्यक्रम
बीती 20 जुलाई को कंपनी ने गंगा देवी भवन रेलवे रोड पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें लगभग 3000 लोग एकत्रित हुए। एक अनुमान के मुताबिक लगभग एक से सवा करोड रुपये का निवेश इसी कार्यक्रम में कंपनी ने कर लिया। निवेशक पीयूष कुमार, राधेश्याम, हरिओम कुमार का कहना है कि कंपनी ने लुभावने वादा कर उन्हें धोखा दिया है। अब हम परेशान हैं।
यह भी हुए शिकार
राजपाल, राजवीर, प्रवेश, रामेंद्र, सोमपाल, हरवीर, रणवीर, सत्येंद्र, मनोज, किरन, रविंदर, धर्मेंद्र सहित सैकड़ो लोग इस कंपनी के झांसे के शिकार हुए। एएसपी राजेश भारती ने बताया कि अभी किसी ने मुझे कोई लिखित शिकायत नहीं की है। यह हो सकता है साइबर थाने में शिकायत की हो। पूरी जानकारी करेंगे। यदि कोई व्यक्ति उनसे लिखित शिकायत करेगा तो फिर जांच कराई जाएगी।
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