लखनऊ: स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों को मिलेगी पुरानी पेंशन, जानिये क्या है आदेश

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा, लेकिन इसका लाभ सिर्फ उन अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलेगा। जिनके भर्ती का विज्ञापन साल 2005 में 28 मार्च से पहले जारी हुआ होगा। यानी की वह सरकारी सेवक जिनका चयन ऐसे पद के सापेक्ष हुआ हो, जिसका विज्ञापन प्रदेश में नई पेंशन योजना लागू होने की अधिसूचना जारी होने से पहले जारी हुआ होगा। इन कार्मिकों को विकल्प चुनने का मौका दिया गया है। यदि वह नई पेंशन योजना को ठीक समझते हैं तो वह उसके साथ भी जा सकते हैं। बताया यह जा रहा है कि सरकार ने कर्मचारियों को यह विकल्प इसलिए दिया है। जिससे जिन लोगों का पैसा नई पेंशन योजना के तहत कट रहा हो, तो उन कर्मचारियों को अर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

दरअसल, सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ बृजेश राठौर ने पत्र जारी कर अधिकारियों को निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि पुरानी पेंशन दिये जाने के लिए विकल्प की व्यवस्था की गई है, विकल्प प्राप्त करने के लिए कार्रवाई करें। यह आदेश जारी होने के बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने उप मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  महानिदेशक डॉ बृजेश राठौर को धन्यवाद ज्ञापित किया है। वहीं नेत्र परिक्षण अधिकारी (ऑप्टोमेट्रिस्ट) की लंबित एसीपी पर आदेश जारी करने की मांग की है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत, महामंत्री अतुल मिश्रा, प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि इसी साल 28 जून को शासन की तरफ से एक शासनादेश जारी हुआ था,जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से आच्छादित राज्य सरकार के ऐसे कार्मिकों जिनका चयन ऐसे पद/रिक्तियों के सापेक्ष हुआ हो जिसका विज्ञापन प्रदेश में नई परिभाषित अंशदान पेंशन योजना (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) लागू किए जाने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना के पूर्व हो चुका था। यह अधिसूचना 28.3.2005 को जारी हुई थी। ऐसे कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किए जाने की व्यवस्था की गई है।  शासनादेश में 28 जून 2024 को विकल्प दिए जाने संबंधी विकल्प पत्र भी शासन की तरफ से जारी किया गया है ।

बता दें कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने 10 जुलाई 2024 को प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा में कार्यरत कर्मचारियों को इस शासनादेश का तत्काल लाभ दिया जाए । जिसके बाद महानिदेशक की तरफ से आज प्रदेश के समस्त अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि इस शासनादेश का अनुपालन करते हुए विकल्प प्राप्त करने के लिए कार्रवाई करें। वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इस मौके पर सरकार से मांग की है कि प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए ।

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