बलरामपुर: धारदार हथियार से मदरसा परिसर में रह रहे छात्र की हत्या, मचा हड़कंप

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Edited By Amrit Vichar
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 तीन महीने पहले ही कक्षा दो में हुआ था मृतक छात्रा का दाखिला

बलरामपुर, अमृत विचार। तुलसीपुर थाना क्षेत्र के एक मदरसे में शुक्रवार को कक्षा दो में पढ़ने वाले 12 वर्षीय एक छात्र का शव छात्रावास में मिला। शव पर चाकुओं से वार के गहरे निशान मिले हैं। इसकी जानकारी इसके साथ कमरे में सो रहे छात्रों इस्माइल वकील और फरहान द्वारा सुबह साढ़े सात बजे दी गई। इसके बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया।

तुलसीपुर नगर के इटवा चौराहे पर स्थित जामिया नईमिया अरबिक कॉलेज में कक्षा दो में पढ़ रहा 12 वर्षीय अयान का हॉस्टल में गुरुवार रात में अज्ञात द्वारा चाकू मार कर हत्या कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कॉलेज में लगी सीसीटीवी फुटेज को देखना चाहा तो सदर मदर्रिस नूर आलम ने बताया कि उसका स्विच खराब होने के कारण सीसीटीवी रात भर बंद रहा।

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फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर लाश और घटनास्थल की जांच कर नमूने एकत्र किए। सूचना पाकर पहुंचे स्वजन इस घटना से हतप्रभ थे। पुलिस ने पूछताछ के लिए साथ में कमरे में सो रहे तीन अन्य छात्रों और सदर मदर्रिस को थाने ले गए हैं। रात में वार्डन के रूप में मोहम्मद अहमद की ड्यूटी लगाई गई थी जो, रात में खाना खाने के बाद अपने घर चले गए थे। बावर्ची अब्दुल कुद्दूस घटनास्थल के ठीक बगल के कमरे में सो रहा था, लेकिन उसे कानों-कान खबर नहीं हुई।

तीन महीने पहले हुआ था दाखिला
मृतक छात्रा के पिता महफूज आलम ने तीन महीने पहले इस मदरसे में अपने दोनों बेटे अयान और फरहान का एक साथ कक्षा दो में प्रवेश दिलाया था। अयान बड़ा था फरहान छोटा है। ज्यादातर दोनों एक ही कमरे में हॉस्टल में सोते थे, लेकिन फरहान ने बताया कि कल बड़े भाई ने कहा तुम दूसरे कमरे में जाकर सो जाओ आज यहां ना सोओ तो फरहान 17 नंबर कमरे में सोने चला गया। अयान अपने एक भाई फरहान और बहन के साथ पिता और सौतेली मां के साथ ग्राम भगवानपुर में रहता था। उसकी मां उतरौला में रहती हैं। छोटे भाई फरहान ने बताया कि जिस कमरे में हत्या हुई है उस कमरे में अंदर से दरवाजे में कुंडी भी बंद नहीं होती थी।

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परिजन

चंदे के पैसे से चल रहा है मदरसा 
प्रबंधक अतहर फिरोज ने बताया कि यह मदरसा वित्तीय सहायता प्राप्त है। जिसमें 276 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं और 80 बच्चे हॉस्टल में रहते थे। बताया कि मदरसे में पढ़ा रहे अध्यापकों द्वारा विदेश में जाकर चंदे की व्यवस्था करके लाते हैं और उसी से मदरसा का खर्च निकाला जाता है। बच्चों से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। साथ ही कहा कि हॉस्टल में रात की व्यवस्था चौकस रखने की जिम्मेदारी नूर आलम की थी। लेकिन उनके द्वारा बिना बताए रात में चुपके से घर चले जाना अनुशासनहीनता है। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि हॉस्टल में हुई हत्या के संदर्भ में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज शाम को बंद हो गया और सुबह आठ बजे फिर सही हो गया। इस नजरिए से भी जांच की जा रही है। जल्दी ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।

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