बरेली: संघ के रास्ते ब्राह्मणों व ओबीसी पर पकड़ बनाने की राह पर भाजपा

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विश्वदीपक त्रिपाठी, बरेली। प्रदेश में ब्राह्मण वोटों को लेकर सपा-बसपा के बीच चल रही खींचतान ने भाजपा की नींद उड़ा रखी है। भाजपा ने राज्यसभा सदस्य के चुनाव में ब्रज प्रांत के दो दिग्गजों को प्रत्याशी बनाकर ब्राह्मण और पिछड़ी जाति के वोटों को अपने पाले में रखने की कोशिश की है। भाजपा ने आधार …

विश्वदीपक त्रिपाठी, बरेली। प्रदेश में ब्राह्मण वोटों को लेकर सपा-बसपा के बीच चल रही खींचतान ने भाजपा की नींद उड़ा रखी है। भाजपा ने राज्यसभा सदस्य के चुनाव में ब्रज प्रांत के दो दिग्गजों को प्रत्याशी बनाकर ब्राह्मण और पिछड़ी जाति के वोटों को अपने पाले में रखने की कोशिश की है।

भाजपा ने आधार वोट के साथ ही जातिगत समीकरण का भी पूरा ध्यान रखा है। संघ से गहरा नाता रखने वाले हरद्वार दुबे और बीएल वर्मा के जरिए दोनों जातियों को जोड़कर रखने की पहल की है। इन दोनों लोगों को मैदान में उतार कर संघ के महत्व को रेखांकित करने का कार्य भी किया है।

प्रदेश की राजनीति भले ही पिछड़ा वर्ग, दलित और मुस्लिम केंद्रित है लेकिन बदलते राजनीतिक परिवेश में सभी प्रमुख दल ब्राह्मण वोटों की अनदेखी नहीं करना चाहते हैं। यही वजह मानी जा रही है कि भाजपा ने राज्यसभा सदस्यों के चुनाव में ब्राह्मण प्रत्याशियों को तरजीह दी है।

भाजपा ने जिन आठ उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं उनसे तो यही संदेश जाता है कि जातीय समीकरण के साथ ही पार्टी पदाधिकारी और पार्टी के प्रति बिना किसी महत्वाकांक्षा के काम करने को महत्व मिलना तय है। इसमें दो ब्राह्मण जौनपुर की सीमा द्विवेदी और हरद्वार दुबे, दो ओबीसी गीता शाक्य और बीएल वर्मा और दो क्षत्रिय नीरज शेखर व अरुण सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। इनमें सीमा द्विवेदी और हरद्वार दुबे लंबे समय से पार्टी व संगठन से जुड़े रहे।

हरद्वार दुबे पूर्व मंत्री व पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। ब्राह्मणों के नामों का चयन कर पार्टी ने लगातार हमलावर रहे विपक्ष को जवाब देने की कोशिश की है। हरद्वार दुबे मूलत: पूर्वांचल के बलिया जनपद के निवासी हैं। भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर पूरे पूर्वांचल और पश्चिम उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति को साधने की कोशिश की है।

संघ के पदाधिकारी रह चुके हैं दोनों प्रत्याशी
9 नवंबर को होने वाले राज्यसभा के चुनाव में ब्रज प्रांत के संघ के दो दिग्गजों का चुना जाना तय है। इनमें हरद्वार दुबे और बदायूं के बीएल वर्मा शामिल हैं। हरद्वार दुबे ब्रज प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके अनुषांगिक संगठन में कार्य कर चुके हैं। प्रचारक के रूप में 1962 में जनपद सीतापुर, शाहजहांपुर और अयोध्या के प्रचारक भी रह चुके हैं। उनका बरेली में संघ के कार्यालय में आना-जाना होता रहा है। वहीं, बदायूं निवासी बीएल वर्मा वर्तमान में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हैं। उन्हें 1980 में संघ ने खंड कार्यवाह और तहसील प्रमुख की जिम्मेदारी दी थी।

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