फूड प्वाइजनिंग से बिगड़ी स्कूली बच्चों की तबीयत, जानें क्या हैं लक्षण, कब हो सकता है जानलेव
लखनऊ, अमृत विचारः यूपी के देवरिया के मेहरौना गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज के करीब 80 छात्र फूड पॉइजनिंग की वजह से बीमार पड़ गए हैं। वहीं मुंबई से सटे पालघर जिले में भी फूड प्वाइजनिंग की घटना सामने आई। जहां आवासीय स्कूल की 64 छत्राओं की खाना खाने के बाद तबियत खराब हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि खाना खाने के बाद बच्चों की तबियत बिगड़ गई थी। फिलहाल छात्रों की हालत स्थिर है और मामले की जांच चल रही है। छात्रों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत थी।
48 घटों में 144 छात्र बीमार
मेहरौना गांव में हुए हादसे को लेकर सोमवार शाम को जारी एक आधिकारिक बयान सामने आया कि सरकारी स्कूल में कुछ छात्र फूड प्वाइजनिंग की वजह से बीमार पड़ गए थे। दो छात्र का इलाज महर्षि देवराहा में बाबा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। बाकी बचे छात्रों का स्कूल में ही सीएमओ के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है।
पालघर जिले के दहानु के रांकोल गांव के आवासीय विद्यालय में लगभग 28 छात्राओं को रात करीब 2:30 बजे मतली और उल्टी की समस्या हो रही थी। जिन्हें इलाज के लिए कासा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं कुछ समय बाद ही 16 अन्य छात्राएं भी बीमार पड़ गई। जिनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।
फूड प्वाइजनिंग के लक्षण
अगर कुछ भी खाने के बाद पेट में तेज दर्द, ऐठन, हर आधे घंटे में उल्टी-दस्त, खाना न पचना, सिर में दर्द, ज्यादा थकान और कमजोरी जैसा कुछ भी मेहसूस हो तो वह फूड पॉइजनिंग के लक्षण हो सकते हैं। फूड पॉइजनिंग इंफेक्शन की वजह से होता है, जो वायरस, बैक्टीरिया या फंगस से फैल सकता है। अगर कोई फंगस या बैक्टीरिया से संक्रमित किसी खाने को खाता है तो बैड बैक्टीरिया पेट में गुड बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं। जिससे पाचन क्रिया पर प्रभाव पड़ता है। ज्यादातर गंदे पानी, ज्यादा देर से बने खाना को खाने, एक्सपायरी पैक्ड फूड को खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार 32 से 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान होने पर बैक्टीरिया और फंगस को पैदा होने लगते हैं। कई रिसर्च में पाया गया है कि 37 डिग्री से ज्यादा तापमान होना बैक्टीरिया या फंगस के लिए काफी अनुकूल होता है।
फूड पॉइजनिंग के कारण
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक फुड पॉइजनिंग के कई कारण होते हैं। लेकिन कुछ लक्षण जो कुछ समय में ही दिखाई दे जाते हैं इसमें पेट में तेज दर्द, हर थोड़ी देर में उल्टी-दस्त, खाना का पचना न होना, सिर में दर्द, ज्यादा थकान, दस्त में खून आना, बार-बार उल्टी और सिर्फ पानी ही निकले, मुंह सूख रहा हो, शरीर में रेशेज और कमजोरी मेहसूस होना, बुखार जैसा कुछ भी होना फूड पॉइजनिंग होता है। वैसे तो यह किसी को भी हो सकता है, लेकिन बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। अगर यह समस्या कुछ समय में ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
ये रखें ध्यान
फूड पॉइजनिंग से बचना के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना काफी जरूरी है।
-खाने की जगह साफ रखें।
-बर्तन रखने की जगह साफ रखें।
-मसालों और अनाज में फंगस होने का सबसे ज्यादा रिस्क होता है तो ऐसी चीजों को तुरंत हटा दें।
-नमकीन, बिस्किट जैसी चीजों को हमेशा डिब्बे में रखें।
-पैक्ड फूड को एक्सपायरी देखकर ही यूज करें।
-सब्जियां काटने से पहले चाकू को साफ करें।
-समय-समय पर फ्रीज की सफाई करें।
-बाहर के खाने से बचें।
-पीने का पानी फिल्टर कर या उबाल कर पिएं।
इसके अलावा अभी बारिश का महीना चल रहा है। ऐसे में अगर बाहर कुछ भी खा रहे हैं तो खास ख्याल रखने की जरूरत है।
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