गोंडा: परिषदीय स्कूलों में घट गया 67 हजार बच्चों का नामांकन, जागरुकता कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर सवाल

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Edited By Amrit Vichar
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गोंडा, अमृत विचार। स्कूल चलो अभियान व जगह जगह नामांकन मेले जैसे अभियानों के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में पिछले एक सत्र में  67 हजार बच्चे घट गये। मंगलवार को मुख्यमंत्री की समीक्षा में इसका खुलासा हुआ। इस खुलासे ने सरकार की तरफ से संचालित तमाम निशुल्क योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए स्कूलों में नामांकन बढ़ाने का निर्देश दिया है। 

बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जिले में 2610 परिषदीय स्कूलों का संचालन हो रहा है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार निशुल्क पाठ्य पुस्तक समेत, जूता,मोजा व स्कूल बैग उपलब्ध‌ कराती है‌। बच्चों के लिए स्कूल में मध्यान्ह भोजन की भी व्यवस्था है। सप्ताह में एक दिन दूध व फल भी बच्चों को दिया जाता है‌। इन योजनाओं के अतिरिक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती है‌। बच्चों के नामांकन को लेकर  प्रतिवर्ष सत्र के प्रारंभ में स्कूल चलो अभियान रैली व नामांकन मेले जैसे कार्यक्रमों का आयोजन होता है‌। इसके लिए सरकार लाखों रुपये का बजट खर्च करती है। इन सबके बावजूद परिषदीय स्कूलों में बच्चों का नामांकन कम होना गंभीर है‌।

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वजीरगंज के मॉडल प्राइमरी स्कूल डल्लापुर में पढते बच्चे

सोमवार को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी ने जब बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों के नामांकन की समीक्षा की तो पता चला कि शैक्षिक सत्र 2023-24 में इन स्कूलों में 3.57 लाख बच्चे पंजीकृत थे लेकिन चालू सत्र में यह संख्या घटकर 2.88 लाख पहुंच गयी है‌। इस पर सीएम ने नाराजगी जतायी और एक सत्र में 67 हजार बच्चों की संख्या कम होने को लेकर सवाल किया तो जिम्मेदार अधिकारी बगले झांकने लगे। बच्चों की घंटती संख्या ने स्कूल चलो अभियान रैली व नामांकन मेले जैसे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा कर दिया है। 

निदेशक के बदलते आदेशों ने लगायी नामांकन पर लगाम 
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पांच वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के नामांकन की व्यवस्था थी। लेकिन बेसिक शिक्षा निदेशक ने अप्रैल महीने में एक आदेश जारी किया कि पहली कक्षा में उन्ही बच्चों का नामांकन किया जाए जिनकी आयु एक अप्रैल 2024 को 6 वर्ष पूरी हो चुकी हो। इस आदेश ने सत्र के प्रारंभ में ही नामांकन प्रक्रिया में अवरोध खड़ा कर दिया। जब जुलाई महीने में स्कूल खुला और नामांकन घटता नजर आया तब एक फिर नया आदेश जारी किया गया कि 31 जुलाई 2024 को 6 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों का नामांकन किया जा सकता है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सोमवार को मुख्यमंत्री की समीक्षा में भी घटते नामांकन का यही कारण बताया गया। 

कक्षा एक में 31 व 6 में 20 प्रतिशत घटा नामांकन 
अमृत विचार: शैक्षिक सत्र 2023-24 में कक्षा 1 में 27592 बच्चों का नामांकन किया गया था, लेकिन चालू शैक्षिक सत्र में इसमें 31% की गिरावट आई है। वर्तमान सत्र में अभी तक 18980 बच्चों का नामांकन ही हुआ है। पिछले सत्र के मुकाबले इस सत्र में 8612 बच्चों का नामांकन कम हुआ है। इसी तरह कक्षा 6 में पिछले सत्र में 36815 बच्चों का नामांकन किया गया था, लेकिन वर्तमान सत्र में इसमें 20% की कमी हुई है। वर्तमान सत्र में कक्षा 6 में 29576 बच्चों का नामांकन ही हुआ है।‌ यह संख्या पिछले वर्ष की संख्या से 7239 कम है‌। 

यू डायस पर बच्चों का परमानेंट एजुकेशन नंबर जारी होने के कारण कुछ बच्चों का डुप्लीकेट डाटा प्रदर्शित हो रहा था जिसके चलते उन बच्चों का नामांकन पोर्टल से हटाया गया था। इसके चलते छात्र संख्या में कमी आई है। स्कूलों में नामांकन का कार्य अभी गतिमान है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों को विशेष अभियान चलाकर बच्चों का नामांकन पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं- अतुल तिवारी, बीएसए

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