बाराबंकी: जलस्तर बढ़ने के साथ ही बबुरी गांव में कटान तेज, सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे ग्रामीण
ग्रामीण खुद तोड़ रहे अपने पक्के मकान, कर रहे पलायन
सूरतगंज/ बाराबंकी, अमृत विचार। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के साथ ही अब बबुरी गांव मे कटान भी तेज हो गई है। कटान के डर से ग्रामीणों ने अपने हाथ से खुद का पक्का मकान तोड़ना शुरू कर दिया है। सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर गांव के बबुरी गांव में कटान जारी है। बाढ़ व कटान कहर बरपा रही है। वहीं लहरों के निशाने और कटान के जद में आए अनिल कुमार, सुमित मिश्रा, सुनीता, रामनरेश, ब्रिजेश, राजकुमार, विजय कुमार, उमाशंकर, पवन कुमार, रामू, मुकेश और राजू के पक्के मकान नदी से सबसे करीब है। कटान के डर से मंगलवार को सभी पीड़ित अपने अपने हाथ से आशियाने तोडने भी शुरू कर दिए हैं।

इन लोगो का कहना है कि बड़ी मेहनत कर घर बनवाया था। अब इसे मजबूरी में तोड़ना पड़ रहा है। कटान की जद में आकर घर नदी में समा जाएगा तो सब बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में मकान तोड़कर ईंट, सरिया इत्यादि को सुरक्षित निकाल लेंगे। वहीं करीब बीस लोगों के घर भी लहरों के निशाने पर हैं। इस गांव में साठ परिवार रहते थे, जिन्हें धीरे धीरे अपना घर छोड़ना पड़ेगा, कटान से भयभीत लोग गृहस्थी के सामान समेट कर पलायन कर रहे हैं। तो अनिल, सुमित, सुनीता, रामनरेश, बृजेश ने बबुरी स्थित कंपोजिट विद्यालय में शरण ले लिया है। तो राजकुमार, विजय और उमाशंकर का परिवार पास के रिश्तेदार के यहां शरण लिए हैं। जबकि पवन, रामू, मुकेश व राजू भी आसपास के अटाहरी, सरसंडा गांव में शरण लेने को मजबूर हैं।
वहीं तहसीलदार ने अटाहरी एवं बतनेरा में इन्हें विस्थापित किए जाने के लिए भूमि का चिन्हांकन शुरू कर दिया है। उधर गांव के 60 परिवार को राहत किट भी वितरित कर दी गई है। तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया है। 12 लोगों के लिए भूमि तलाश कर दिए जाने का प्रावधान शुरू कर दिया गया है। जो मकान कटने की स्थिति में हैं, उन्हें पूरी मदद दी जाएगी।
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