Unnao News: मारपीट के तीन आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा...कोर्ट ने जुर्माना भी ठोंका

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव, अमृत विचार। मौरावां थानाक्षेत्र में साथियों के साथ मिलकर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के केस में कोर्ट ने तीन युवकों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो दोषियों पर 13-13 व एक पर 12 हजार का जुर्माना भी लगाया है। वहीं कोर्ट ने आईओ द्वारा मुकदमे में तरमीम की गई लूट व माल बरामदगी की धारा को सही नहीं माना।       

मौरावां थानाक्षेत्र में 21 मई-2014 को गोगा निवासी कटरा थाना औरास ने अपने मौसेरे भाई मुकीम खां पर हुए जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि वह 21 मई-2014 को मुकीम निवासी साकिन कुदरा बाना मौरावां के साथ अरशद निवासी मुसंडी मौरावां के यहां से दावत से लौट रहा था। तभी गांव बहवा मोड पर पुरानी रंजिश को लेकर जमीरुल उसके भाई अमीरुल पुत्र जहीर, इरशाद व सगीर उनसे गालीगलौज करने लगे। विरोध करने उन्हें लाठी-डंडों से पीट दिया और उनके रुपये भी लूट लिए। 

एसआई रणजीत सिंह भदौरिया ने सभी आरोपियों के खिलाफ 31 जून-2015 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। शासकीय अधिवक्ता अजय कुशवाहा की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे असलम सिद्दकी ने जमीरुल, अमीरुल व इरशाद को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। वहीं कोर्ट ने पुलिस द्वारा आरोपपत्र में लूट व माल बरामदगी के दिखाए गए तथ्यों को सहीं नहीं माना। इसी मामले में एक आरोपी सगीर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे दोषमुक्त करार दिया। 

गैंगस्टर एक्ट में तीन को मिली सजा

पुरवा कोतवाली पुलिस ने गैंग बनाकर क्षेत्र में अपराधिक वारादातों को अंजाम देने के आरोप में  30 जुलाई-2008 को कोतवाली क्षेत्र के बड़ा खेड़ा गांव निवासी लल्लेश, नन्हके व कैलाश पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। आईओ ब्रजेश सिंह ने उनके विरुद्ध साक्ष्य एकत्र किए और 23 जुलाई-2009 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। एडीजे जयवीर नागर ने शासकीय अधिवक्ता हरीश अवस्थी, विश्वास त्रिपाठी व अलंकार द्विवेदी की दलील व साक्ष्य के आधार पर तीनों को तीन-तीन साल की सजा और 10-10 हजार का जुर्माना लगाया।

बाइक चोर को तीन साल की सजा 

असोहा थाना पुलिस ने सन-2023 में वाहन चेकिंग दौरान के लखनऊ के सरोजनी नगर थानाक्षेत्र के अमौसी निवासी कैफ पुत्र अब्दुल रशीद को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जांच में उसके पास जो बाइक मिली थी वह चोरी की थी। एसआई बाबूलाल की तहरीर पर असोहा थाने में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। एसआई रामऔतार ने 8 नवंबर-2023 को मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में एसीजेएम-4 रत्नेश दीप कमल ने कैफ को दोषी करार देते हुए तीन साल की  सजा सुनाई।

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