Unnao: शासनादेश को ताक पर रख नया समूह बनाकर किया कोटा का चयन, इन लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई आवाज
ग्रामसभा मवईभान में कोटा चयन मे हुई थी अनिमियता
उन्नाव, अमृत विचार। सफीपुर विकासखंड के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी आदेशों को ताक पर रखते हुए फर्जी स्वयं सहायता समूह बनाकर अपने लोगों को लाभ देते हुए सरकारी राशन दुकान को चयनित करवा दिया। जिस पर पूर्व में गठित समूह के सदस्यों ने समाधान दिवस पर प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाइ है।
विकासखंड सफीपुर के तहत मवईभान ग्राम पंचायत में सन-2017 में बने राधेश्याम महिला स्वयं सहायता समूह मवई भान की सदस्य कोमल देवी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रभारी को प्रार्थनापत्र देते हुए बताया था कि उनकी ग्राम पंचायत में मनमर्जी करते हुए अधिकारियों ने एक नया समूह बनाकर उस समूह के सदस्य के नाम राशन का कोटा चयनित कर दिया है। इसके लिये न तो खुली बैठक हुई और न ही चुनाव किया गया। जिसे लेकर ग्राम वासियों व समूह के अन्य सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
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मिशन निदेशक सुजीत कुमार के 9 जुलाई-2020 को जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूह को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं, 15 जुलाई-2020 तक चयनित स्वयं सहायता समूह की सूची को प्राथमिकता दी जाएगी और निर्माता कार्यकाल के बीच में नया समूह नहीं बनाया जा सकता है।
प्रधान व विकासखंड के अफसरों की मिलीभगत ने बना दिया फर्जी समूह
ग्राम पंचायत मवईभान के प्रधान व विकासखंड सफीपुर के कर्मचारियों-अधिकारियों की मिलीभगत से गांव में एक फर्जी समूह बनाकर भ्रष्टाचार के पूरे खेल को अंजाम दे दिया गया। प्रधान ने गांव की पूनम, रोली सिंह, सरिता सिंह, शांति देवी, प्रीति सिंह सहित 23 महिलाओं को जोड़कर एक फर्जी समूह बनाकर उचित मूल्य की दुकान का आवंटन कर दिया।
ग्राम सभा में यह है पुराना समूह
प्रार्थनापत्र देते हुए कोमल देवी ने बताया कि गांव में जो पुराना समूह सन-2017 में गठित हुआ था उसमें कोमल देवी, रामकली, माया, अनीता, सोनी, पुष्पा देवी व सीता सहित 10 महिलाओं का चयन हुआ था।
