Kanpur: जिस पत्नी को पढ़ा-लिखाकर रात दिन किये एक, सरकारी नौकरी पाकर उसी ने दुत्कारा, इलाज के बजाय कराई झाड़-फूंक, मौत
कानपुर, अमृत विचार। बिधनू थानाक्षेत्र के मझावन निवासी शिक्षक पद से सेवानिृवत्त छोटेलाल के बेटे 45 वर्षीय राजू उर्फ राज बहादुर की सोमवार रात मौत हो गई। बहन संगीता ने बताया वर्ष 2008 में भाई राजू का विवाह हाईस्कूल पास कर चुकी युवती से हुआ था। शादी के बाद पत्नी ने पढ़ने की इच्छा जाहिर की तो उसे इंटर कराया।
नर्सिंग की नौकरी का सपना था तो जीव विज्ञान से बीएससी कराकर एएनएम का कोर्स कराया और फिर ट्रेनिंग दिलाई। इस बीच एक बेटा और एक बेटी हुए। नौकरियां आने पर फॉर्म भरे और वह पत्नी को लेकर दर-दर भटका। प्रतियोगी परीक्षा दिलाए और बीते वर्ष उसने परीक्षा पास कर लिया। कानपुर देहात के एक सरकारी अस्पताल में एएनएम पद पर तैनाती मिल गई। आरोप है नौकरी लगते ही पत्नी राजू से अलग हो गई।
वह बच्चों को भी अपने साथ ले गई। स्तर बराबर न होने के चलते पति को दुत्कारा। सदमे से वह बीमार रहने लगा। बहन ने बताया कि 29 जुलाई को राजू की तबीयत ज्यादा बिगड़ी जिसपर उन्होंने उसे पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया। एक सप्ताह वह भर्ती रहा लेकिन इसकी जानकारी पत्नी को मिली। जिस पर वह अस्पताल पहुंची और प्रबंधन से पत्नी होने का दावा कर सभी को वहां से निकलवा दिया।
शनिवार वह गंभीर हालत में राजू को डिस्चार्ज कराकर घर ले आई। जहां उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने डॉक्टर के यहां ले जाने को कहा तो वह झांड़फूंक में पड़ गई। सोमवार सुबह हालत बिगड़ी चिंताजनक हुई तो बूढ़े पिता ने एंबुलेंस बुलवा ली और डॉक्टर के यहां ले जाने को तैयार हो गए। आरोप है पत्नी ने उसे अस्पताल नहीं जाने दिया और झाड़फूंक के लिए लेकर निकल गई।
शाम को लौटी और कुछ ही देर बाद राजू ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने संदिग्ध मौत मानकर पुलिस से पोस्टमॉर्टम में वीडियोग्राफी की मांग की। प्रक्रिया का समय पूरा होने के चलते मंगलवार को पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। जिस पर बुधवार को वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमॉर्टम कराया गया। जिसमें बीमारी से मौत की पुष्टि हुई। बिधनू थाना प्रभारी ने बताया पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
