बरेली : वक्फ संशोधन बिल को मुस्लिम जमात का खुला समर्थन, मुसलमानों की गरीबी होगी दूर - शहाबुद्दीन

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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बरेली, अमृत विचार। वक्फ संशोधन बिल को सुन्नी सूफी बरेलवी मुसलमानों के संगाठन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने खुला समर्थन देने का ऐलान किया। कहा गया है ये वक्फ संशोधन बिल मुसलमानो की आर्थिक तंगी को दूर करेगा। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की एक बैठक ग्रैंड मुफ्ती हाउस में आयोजित हुई।जिसकी अध्यक्षता करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड को लेकर एक बिल संसद में लाई है। इस बिल के माध्यम से केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्ति के मनमानी तरीके को रोकेगी और भू माफियाओं से मिलकर वक्फ की सम्पत्ति को बेचने या लीज पर देने के कारोबार पर लगाम लगेगी।

मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड के गठन में पारदर्शिता अपनाई जाए और उन्हीं लोगों को सदस्य बनाया जाए जो अमानतदार और स्वच्छ छवि वाले हो। दागदार या अपराधी छवि वाले व्यक्ति को सदस्य बनाए जाने से पद का गलत उपयोग होता है। मौलाना  ने कहा कि भारत के तमाम वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, अधिकारी, सदस्य भू माफिया के संग मिलकर वक्फ की संपत्ति को खुर्द बुर्द कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में वक्फ बोर्ड अपना काम करता है तो पूरे देश के मुसलमान में विकास साफ तौर पर देखा जा सकता था। पूरे देश में कोई भी मुसलमान भीख मांगता हुआ नजर नहीं आएगा और न हीं विकास की मुस्लिम आवाम में कोई कमी नजर आएगी। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि वक्फबोर्ड की इस मनमानी को रोकने के लिए केंद्र सरकार अब तक खामोश क्यों थी‌।मौलाना ने आगे कहा कि हमारे बुजुर्गे ने अपनी संपत्तियां इसलिए वक्फ की थी कि इसकी आमदनी से मुसलमानों के गरीब और कमजोर बच्चों की तालीम का अच्छा इंतजाम किया जा सके। यतीम और बेवाओं की मदद हो सकें। मगर ये सब न होकर वक्फ बोर्डों के जिम्मेदारो ने भू माफियाओं से साठ-गांठ करके संपत्तियों के बेचने और पैसा कमाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से करप्शन उरूज को पहुंच गया।

बैठक में एक प्रस्ताव पास करके सरकार से कहा गया कि इस संशोधन बिल में मस्जिद के इमामों और खिदमत करने वालों का वेतन मुकर्रर करने का प्रावधान रखा जाए। और साथ ही वक्फ बोर्ड की कार्यकारणी में गैर मुस्लिम को सदस्य नामित न किया जाए। इस सम्बन्ध में मुस्लिम जमात ने प्रधानमंत्री और अल्पसंख्यक मंत्री को पत्र भी लिखा है। मीटिंग में मुख्य रूप से पीर मौलाना मुजाहिद हुसैन , हाफिज अब्दुल वाहिद नूरी,  मौलाना अबसार राजा हबीबी, हाफिज फैजान रजा कादरी (जिला अध्यक्ष),  हाजी नाजिम बेग, ज़ोहेब अंसारी, डाक्टर अनवर रजा, हाफिज अमीर रजा , इस्तियाक अहमद ,साहिल रजा उर्फ मजहर मियां, आरीफ अंसारी, काशीब खा आदि उपस्थित रहे।

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