प्रयागराज : परियोजना निदेशक को धमकी देने के मामले में सपा विधायक को मिली राहत
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अलीगढ़-कानपुर क्षेत्र चौड़ीकरण परियोजना में बाधा उत्पन्न करने, धमकी देने के मामले में सीआरपीसी की धारा 239 के तहत निचली अदालत में डिस्चार्ज आवेदन दाखिल करने का निर्देश देते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 504, 506 के तहत कानपुर नगर के बिठूर थाने में दर्ज मामले को निस्तारित कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की एकलपीठ ने याची अमिताभ बाजपेयी द्वारा सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दाखिल आवेदन पर सुनवाई करते हुए पारित किया है। याची ने हाईकोर्ट के समक्ष समन आदेश, आरोप पत्र के साथ संपूर्ण आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी थी। बहस के दौरान याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान मामले में याची के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं है और उपरोक्त धाराओं के अंतर्गत कोई अपराध नहीं बनता है।
आपराधिक मामले की पूरी कार्यवाही स्पष्ट रूप से अवैध है और कोर्ट द्वारा इसे रद्द किया जाना चाहिए। मुख्य रूप से याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची को जमानत नहीं दी गई है और निचली अदालत याची के डिस्चार्ज आवेदन पर तब तक विचार नहीं करेगी, जब तक याची निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं कर देता है। अंत में मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए कोर्ट ने विधायक को राहत दे दी। मालूम हो की परियोजना निदेशक प्रशांत दूबे द्वारा 17 अगस्त 2021 को आईपीसी की धाराओं के तहत बिठूर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी।
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