बरेली: 15 वर्षों का रिकार्ड लेकर प्रिंसिपल हुई फरार
बरेली,अमृत विचार। भुता के एक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य 15 वर्षों का रिकॉर्ड लेकर फरार हो गई। वह अब परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है मगर स्कूल प्रशासन ने उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कराई है। मामला जब डीआईओएस के पास पहुंचा तो उन्होंने स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर …
बरेली,अमृत विचार। भुता के एक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य 15 वर्षों का रिकॉर्ड लेकर फरार हो गई। वह अब परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है मगर स्कूल प्रशासन ने उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कराई है। मामला जब डीआईओएस के पास पहुंचा तो उन्होंने स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए। साथ ही एक सप्ताह में रिपोर्ट भी मांगी थी मगर स्कूल प्रशासन ने उनके आदेश भी हवा में उड़ा दिये।
भुता के अंबेडकर बालिका इंटर कॉलेज में एक महिला प्रधानाचार्य कई वर्षों तक कार्यरत रही। वर्ष 2017 में उनका चयन बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल विक्रमपुर फरीदपुर में सहायक अध्यापक के पद पर हो गया। इसके बाद वह पिछले 15 वर्षों के दस्तावेज लेकर स्कूल से फरार हो गई। जब स्कूल में नए प्रधानाचार्य महेंद्र पाल को पदभार दिया गया तो उन्हें कोई भी अभिलेख नहीं मिला।
महेंद्र पाल ने बताया कि गायब दस्तावेजों में 10वीं, 12वीं के बच्चों की मार्कशीट, एसआर रजिस्टर पंजीकरण फार्म आदि शामिल थे। ऐसे में 15 वर्ष पुराने बच्चे जब अपनी मार्कशीट लेने स्कूल पहुंच रहे हैं तो उन्हें वह नहीं मिल रही हैं। मामले की शिकायत माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव और डीआईओएस से की गई थी। जब डीआईओएस ने स्कूल प्रशासन से पूर्व प्रधानाचार्य के ऊपर एफआईआर कराने के आदेश दिए तो स्कूल प्रशासन इस पर कतरा रहा है। इससे अधिकारियों को मामले में शक होने लगा है।
“पूर्व प्रधानाचार्य पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड लेकर गायब हुई है। इसमें बच्चों की मार्कशीट भी शामिल हैं। उन्होंने वापस करने की बात कही है। इसलिए अभी एफआईआर नहीं कराई है।” -महेंद्र पाल, प्रधानाचार्य, अंबेडकर बालिका इंटर कॉलेज
“स्कूल प्रशासन को प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए गए हैं मगर उन्होंने अभी तक कोई एफआईआर नहीं कराई है। मामले में संदिग्धता दिखाई दे रही है। पूरी जानकारी कराई जा रही है।” -डॉ. अमरकांत सिंह, डीआईओएस
