कासगंज : अवैध अस्पताल बना जानलेवा तो किया सील...नवजात की हुई थी मौत
जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने क्लीनिक को किया सील
कासगंज/गंजडुंडवारा, अमृत विचार। कस्बे के सहावर रोड पर संचालित एक निजी अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की गई है। अवैध रूप से अस्पताल संचालित पाया गया। यहां डीएम से हुई शिकायत के बाद जांच में सब कुछ गड़बड़ पाया गया। लिहाजा जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर अब कार्रवाई की गई है। एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है। इसके अलावा दस्तावेज मांगे गए हैं। इस कार्रवाई के बाद कस्बे में हड़कंप मचा हुआ है।
पिछले सप्ताह क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर वैश्य के एक युवक ने अपनी शिकायत डीएम मेधा रूपम से की। उन्होंने लिखा कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं तो उन्होंने कस्बे के लाइफ लाइन अस्पताल में अपनी पत्नी को भर्ती करा दिया। यहां पत्नी का सामान्य प्रसव कराने की बात हुई और 9500 रुपये अस्पताल संचालक ने जमा कराए। उसके थोड़ी ही देर बाद कह दिया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा और फिर से 25000 रुपये ले लिए। रुपये जमा कराने के बाद ऑपरेशन हुआ। महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन चिकित्सक की लापरवाही रही और एक महिला चिकित्सक ने कुछ ही देर बाद बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे के शरीर में इंफेक्शन फैल गया और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। पत्नी चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रही। फिर घर ले गए। घर जाकर उसकी हालत बिगड़ गई। अब पत्नी बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती है।
दो दिन पहले डीएम से की गई थी शिकायत
पूरे मामले की शिकायत दो दिन पहले डीएम से की गई थी। डीएम ने मामले में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया अस्पताल गलत तरीके से संचालित पाया गया। शुक्रवार को यहां बड़ी कार्रवाई हो गई। पटियाली एसडीएम कुलदीप सिंह के नेतृत्व में जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे और अस्पताल को देर शाम सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद कस्बे में हड़कंप मचा हुआ है।
अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा था। दस्तावेज नहीं थे। शिकायत के आधार पर डीएम ने जांच कमेटी गठित की और जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। -कुलदीप सिंह, एसडीएम पटियाली
