कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या से आक्रोश :  चिकित्सकों की हड़ताल से मरीज हुए बेहाल

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार : कोलकाता के मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद  सभी मेडिकल कॉलेजमें डॉक्टरों ने बहिष्कार कर दिया। इसी क्रम में स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के भी रेजीडेंट डॉक्टरों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। यहां तक कि पर्चा बनाने वालर काउंटर को भी बंद करा दिया गया।  अस्पताल परिसर में जुटे रेजिडेंट डॉक्टर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध में प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी की।

उधर, डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीज बेहाल रहे। ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सेवा और गाइनी के लेबर रूम को छोड़कर अस्पताल की सारी अन्य सेवाएं ठप कर दिया गया। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले कार्य बहिष्कार कर रहे डॉक्टरों की मांग किया कि सभी अस्पतालों में हेल्थ स्टॉफ की सिक्योरिटी के लिए अनिवार्य प्रोटोकॉल लागू किया जाए।

एलएलबी प्रथम वर्ष के 45% छात्र-छात्राएं फेल, छात्रों ने किया प्रदर्शन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सोमवार को एलएलबी प्रथम वर्ष  में 45% छात्र छात्राओ के फेल होने के बाद आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने परीक्षा नियंतर्क कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन और हंगामा किया। छात्र और छात्राएं कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।  छात्रों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के मानक में बदलाव किया गया।  जिसके कारण करीब 45% छात्र-छात्राओं को एक-दो नंबरों से फेल कर दिया गया है।

इस गड़बड़ी के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब हो गया है। छात्रों ने कहा कि सत्र 2023-24 में नामांकन लेने वाले छात्रों पर से 40% नंबर की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। क्योंकि यह नियम लागू होने से पूर्व सत्र 23-24 का नामांकन प्रक्रिया एवं सेमेस्टर की परीक्षाएं समाप्त हो चुकी थी। इसलिए पहले के नियम को ही लागू किया जाए। जिन  छात्र-छात्राएं का भविष्य एक या दो नंबर से खराब हुआ है उनकी उत्तर पुस्तिका को दोबारा जांचा जाये। इसके साथ ही परीक्षा उत्तीर्ण 40 अंक की प्रणाली को खत्म करके 33 अंक परीक्षा प्रणाली को लागू किया जाए।

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