नवाब सिंह पर बढ़ाई गई दुष्कर्म की धारा : पुलिस ने पीड़ित किशोरी का काराया मेडिकल व न्यायालय में बयान
माता-पिता ने बुआ के खिलाफ दी तहरीर
कन्नौज, अमृत विचार। सपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव पर किशोरी के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित किशोरी की मेडिकल जांच और न्यायालय में बयान के बाद आरोपी नवाब सिंह यादव की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। पुलिस ने उन पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ा दी हैं। साथ ही पीड़िता की बुआ भी संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस अब बुआ की तलाश में जुट गई है। उधर, सर्किट हाउस में सपा नेता नवाब सिंह के मामले में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि जब कोई सपा नेता किसी मामले में फंसता है तो अखिलेश यादव कह देते हैं कि वह उनका मिलने वाला नहीं है। भाजपा सरकार में अपराध करने वालों को सजा जरूर मिलती है।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि पीड़िता किशोरी का मेडिकल परीक्षण व न्यायालय में बयान कराया गया। न्यायालय में किशोरी ने नवाब सिंह पर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है। इसके बाद आरोपी नवाब सिंह के खिलाफ दर्ज की गयी रिपोर्ट में दुष्कर्म की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। इसके साथ ही मामले में बुआ का चरित्र भी संदिग्ध पाया गया है। पीड़ित किशोरी के माता पिता ने भी बुआ के खिलाफ तहरीर दी है। विवेचना के दौरान बुआ को पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन वह हाजिर नहीं हुई। उनके संदिग्ध आचरण को देखते हुए विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बुआ की तलाश कर रही है।
पिता ने बहन पर लगाये पुत्री को फंसाने के आरोप
मामले में पीड़िता के पिता व मां ने बुआ पर गंभीर आरोप लगाये हैं। पिता ने कहा कि वह परिवार के साथ 13 वर्ष से नोयडा में रहता है। पुत्री कक्षा 10 में पढ़ती है व बाबा दादी के साथ गांव में रहती है। कुछ समय से नोयडा में उसके साथ थी। बहन उसके पास पहुंची और कहा कि वह गांव जा रही है, चाहे तो भतीजी को साथ भेज दें। इस पर पुत्री को उसके साथ भेज दिया। बहन उसे लेकर चार दिन तक इधर उधर घूमती रही। रविवार को पुत्री को इस घटना में फंसा दिया। मां का आरोप है कि उसकी ननद पुत्री को साथ लाई। पुत्री दो दिन से भूखी प्यासी भटक रही है। कहा कि ननद उस पर दबाव बना रही थी कि वह पुत्री का डाक्टरी परीक्षण न कराये। वह धमकी भी दे रही है।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ मेडिकल
सोमवार को पूरे दिन चली गहमागहमी के बाद भी पीड़ित किशोरी ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराने से इंकार कर दिया। इससे उसका मेडिकल परीक्षण नहीं हो सका। परिजनों के समझाने के बाद मंगलवार को सीओ सदर कमलेश कुमार की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां महिला डाक्टर ने मेडिकल परीक्षण किया। यहां पिता ने मीडिया से कहा कि पुलिस उसका पूरी सहयोग कर रही है। उसे पुत्री की जांच कराने में किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
बुआ की तलाश में पुलिस की छापेमारी तेज
तरह-तरह की बयानबाजी कर रही पीड़ित किशोरी की बुआ की तलाश में पुलिस जुट गई है। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश भी दी पर वह अभी तक नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि बुआ के मिलने के बाद ही पुलिस की जांच पूरी होगी। घटना को लेकर जिले की फॉरेंसिक टीम ने सोमवार की देर रात महाविद्यालय पहुंच कर घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाये हैं। पुलिस ने संबंधित कमरे में पहुंच कर व गेट समेत कमरे के कुण्डे की भी जांच की और साक्ष्य एकत्र किये।
पीड़िता ने सपा नेता पर लगाये यह आरोप
छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पीड़ित किशोरी ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि 11 अगस्त की वह बुआ के साथ लखनऊ गई थी जहां से रात 11 बजे तिर्वा आयी। इसके बाद दोनों ऑटो में बैठकर चंदन सिंह महाविद्यालय आये। यहां नवाब सिंह यादव मिले। उन्होंने उसकी नौकरी मेडिकल कॉलेज में लगवाने के लिये बुआ व उसे बुलाया था। बुआ वाशरूम में चली गई तो आरोपी ने उसके कपड़े (टॉप) उतार दिये। इस पर उसने तत्काल बुआ को बताया। बुआ के कहने पर 112 पर फोन किया। आरोपी ने उसके सीने पर हाथ भी मारा था।
बुआ ने एक सपा नेता पर लगाए आरोप
इससे पहले किशोरी के साथ रही बुआ ने मीडिया से कहा कि नवाब को फंसाने के मामले में एक सपा नेता का हाथ है। उनके अलावा भी कई बड़े सपा नेता शामिल हैं। समय आने पर सभी के नाम बताऊंगी। हालांकि इस संबंध में सपा नेता ने कोई भी जानकारी से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं। इस घटना से उनका कोई संबंध नहीं है।
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