UP: डीएम कोर्ट के पेशकार से ठगी...बेटे को पकड़े जाने की बात बोला शातिर, रोने की आ रही थी आवाज, पाकिस्तान कोड नंबर से किया कॉल
पिता ने साठ हजार रुपये फोन पे से किए ट्रांसफर, साइबर सेल से की शिकायत
कानपुर, अमृत विचार। शातिर साइबर ठगों ने कानपुर जिलाधिकारी कोर्ट के पेशकार को भी नहीं बख्शा। शातिर ने मंगलवार दोपहर पिता के मोबाइल को काम के दौरान पाकिस्तान कोड नंबर+92 लगा व्हाट्सअप कॉल किया। कॉल के दौरान शातिर ठग बोला हैलो, क्राइम ब्रांच पुलिस से बोल रहा हूं, आपका लड़का ईशान कई साथियों के साथ पुलिस केस में फंस गया है। डिमांड पूरी नहीं की तो परेशान होंगे।
पेशकार ने आनन-फानन घबराकर शातिर की मांग पूरी करते हुए उसके बताए अकाउंट में साठ हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। फोन कटने के बाद जब उन्होंने बेटे को फोन मिलाया तो तो सब सही मिला। पेशकार ने इस संबंध में साइबर सेल को प्रार्थना पत्र दे दिया है।
डीएम कोर्ट के पेशकार वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने साइबर सेल को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 13 अगस्त को वह कार्यालय में थे, इस दौरान दोपहर तीन बजे+923176943526 नंबर से व्हाट्सअप कॉल आया। कॉल उठाया तो उधर से एक व्यक्ति की आवाज आई और उसने बोला कि आपका लड़का अन्य चार लडकों के साथ पुलिस केस में यहां फंस गया है। हम पुलिस क्राइम ब्रांच से बोल रहे हैं।
वीरेंद्र ने जब लड़के से बात कराने का बोला, तो उधर से किसी लड़के के रोने की आवाज आने लगी। उक्त व्यक्ति ने कहा कि फोन कॉल कट मत करना और इसकी जानकारी किसी को मत देना। तुम्हारा लड़का सीधा लगता है इसे हम छोड़ देंगे, जल्द ही साठ हजार रूपये का इंतजाम करो और (मोबाइल नंबर) प्रांजल शर्मा के नाम जमा कराओ।
जल्दी करो थाने के बाहर मीडिया के लोग आ गए हैं, देर करोगे तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे। वीरेंद्र ने बताया कि वह काफी परेशान हो गए और अपने लोगों से बात कर साठ हजार रुपये का प्रबंध कर फोन पे कर रुपये ट्रांसफर किए।
इसके बाद बेटे को मोबाइल नंबर लगाकर बात की तो उसने ऐसी किसी घटना से इंकार किया। कुछ देर बाद फिर इस नंबर से कॉल आया और पचास हजार रुपये की डिमांड की गई, इस पर पेशकार वीरेंद्र ने मना कर दिया। उसके बाद से वह मोबाइल नंबर बंद बता रहा है। इस संबंध में साइबर सेल निरीक्षक हरमीत सिंह ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
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