बाराबंकीः धान की फसल नष्ट कराकर मुक्त कराई तालाब की जमीन, 60 बीघे परती भूमि पर अभी भी कब्जा

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Edited By Muskan Dixit
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सतरिख/बाराबंकी, अमृत विचार: तालाब की जमीन पर कब्जा कर कुछ लोग खेती कर रहे थे। शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम ने धान की फसल को नष्ट कराकर तालाब की जमीन को मुक्त कराया है। जबकि अभी करीब 60 बीघे परती की जमीन पर अवैध कब्जा है जो नहीं हटाया जा सका है।

तहसील नवाबगंज के पाटमऊ ग्राम पंचायत में वर्षों से कुछ लोग तालाब की जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे थे। कई बार चेतावनी देने के बाद भी दबंगों ने जमीन से कब्जा नहीं छोड़ा। इस बार भी गांव के ही ओम प्रकाश, वीरेंद्र पाल,सुधीर कुमार, राजेंद्र प्रसाद, बृजेश कुमार आदि द्वारा धान फसल की रोपाई की गई। नायब तहसीलदार प्रियंका शुक्ला ने बताया कि जो जमीन कब्जें से मुक्त कराई गई है। वह तालाब के रूप में दर्ज है। कब्जा करने वालों को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन लोगों ने जमीन नहीं छोड़ी। 

शिकायत पर बुधवार को पुलिस बल की मौजूदगी में ट्रैक्टर चलवा कर तालाब की जमीन से कब्जा हटवाया गया है। प्रियंका शुक्ला ने बताया कि जमीन कितने बीघे है इसकी जांच की जा रही है। लेखपाल दीपकपाल की तहरीर पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचने के आरोप में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पाटमऊ के कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पंचायत में करीब 60 बीघें परती की जमीन पर भी अवैध रूप से कब्जा कर कुछ लोग खेती कर रहे हैं। तालाब की जमीन को कब्जें से मुक्त कराने आई टीम से यह बात बताई गई, लेकिन अधिकारियों ने इस बात को अनसुना कर दिया।

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