बरेली: आईवीएफ का बच्चा शौहर को मंजूर नहीं, बीवी से झगड़ा हुआ तो बात यहां तक पहुंची...
शादी के चार साल बाद भी नहीं हुई कोई संतान, मामला पहुंचा परामर्श केंद्र
बरेली, अमृत विचार : शादी के करीब चार साल बाद बच्चा नहीं होने और बढ़ती उम्र को देखते हुए प्रोफेसर महिला काफी चिंतित हो गईं। उन्होंने प्रोफेसर पति से आईवीएफ के जरिए बच्चा करने की बात कही तो पति ने सहमति नहीं दी। प्रोफेसर पत्नी जिद पर अड़ गईं। दोनों के बीच तकरार शुरू हो गई। मामला बढ़ा तो परामर्श केंद्र पहुंचा। यहां मामले में सुनवाई शुरू हो गई है।
मेरठ के रहने वाले 48 वर्षीय प्रोफेसर की शादी बरेली निवासी 42 वर्षीय महिला प्रोफेसर से करीब चार साल पहले हुई थी। पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण दोनों ने शादी देर से की। महिला बदायूं में तो पति अमरोहा में एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं। शादी के चार साल बीतने के बाद भी बच्चा नहीं हुआ। बढ़ती उम्र की चिंता के कारण महिला प्रोफेसर आईवीएफ तकनीक से बच्चा करने की जिद पर अड़ गईं। वहीं महिला के पति को इस विधि पर भरोसा नहीं है। दूसरी तरफ प्रोफेसर पति के मां-बाप नहीं हैं। भाई-भाभी ने ही उन्हें पढ़ा-लिखा कर बड़ा किया, इसलिए माता-पिता के समान मानते हुए प्रोफेसर ने उन्हें अपना नामिनी बना लिया है। वहीं, महिला एक तरफ बच्चा न होने व पति की प्रापर्टी में नामिनी न बनाए जाने से चिंतित हो गईं। इस मुद्दे पर उनके बीच विवाद हुआ। महिला प्रोफेसर ने परामर्श केंद्र में शिकायत कर दी। दूसरी तारीख पर मंगलवार को प्रोफेसर दंपती परामर्श केंद्र पहुंचे। जहां मुकदमे के डर से पति आईवीएफ से बच्चे कराने को राजी हो गए लेकिन पत्नी को नामिनी बनाने की बात पर चुप्पी साध ली। पति का कहना है कि वह बस इतना चाहते हैं कि पत्नी साथ रहे और वह उसका ध्यान रखें।
