प्रयागराज : धार्मिक ट्रस्टों/मंदिरों की ऐन्युटी भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा स्थित ठाकुर रंगजी महाराज विराजमान मंदिर, वृंदावन और आठ अन्य मंदिरों की पिछले 4 वर्षों से रोकी गई वार्षिकी (ऐन्युटी) के मामले में प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से जानकारी तलब की थी, जिसके अनुपालन में 13 अगस्त 2024 को व्यक्तिगत हलफनामे के माध्यम से कोर्ट को बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 10 लाख रुपए का प्रावधान है और भुगतान के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है।

एक करोड़ 80 लाख रुपए के भुगतान हेतु पुनर्विनीयोग का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है तथा दिनांक 2 अगस्त 2024 को वित्त विभाग को इस संदर्भ में सूचना दे दी गई है। वित्त विभाग द्वारा निधि विनियोग का प्रस्ताव स्वीकृत होते ही राशि जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा कोर्ट को यह भी बताया गया कि धार्मिक ट्रस्टों और मंदिरों की वार्षिकी भुगतान का मामला सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। कोर्ट के निर्देशानुसार वार्षिकी को धार्मिक ट्रस्टों के खाते में सीधे हस्तांतरित करने का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया वह जल्द ही राज्य में चिन्हित 1000 से अधिक धार्मिक ट्रस्टों की वार्षिकी सीधे हस्तांतरण के संबंध में उचित आदेश पारित करें। कोर्ट ने राज्य अधिकारियों को अगले तीन सप्ताह के भीतर बकाया राशि जारी करने का निर्देश दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने ठाकुर रंगजी महाराज विराजमान मंदिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामले के अगली सुनवाई आगामी 16 सितंबर को सूचीबद्ध की गई है।

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