लखनऊ: बसपा ने भारत बंद का किया समर्थन, कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर फैसला बदलने की उठाई मांग
लखनऊ, अमृत विचार। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के आरक्षण में क्रीमीलेयर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर बुधवार को किए गए 'भारत बंद' के आह्वान का समर्थन किया है। यही वजह है कि आज राजधानी के हजरतगंज स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर सैकड़ो की संख्या में जुटे बसपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है।
प्रदर्शनकारी बसपा कार्यकर्ताओं की मांग थी कि यदि आरक्षण खत्म किया जा रहा है तो जाति प्रथा को भी खत्म किया जाए। प्रदर्शन के दौरान संसद में संशोधन बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदला जाए की मांग बहुजन समाज पार्टी की तरफ से की गई है।

बसपा अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "बसपा भारत बंद के आह्वान का समर्थन करती है, क्योंकि भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के आरक्षण विरोधी षड्यंत्र और इसे निष्प्रभावी बनाकर अंततः खत्म करने की मिलीभगत के कारण एक अगस्त 2024 को एससी-एसटी के उपवर्गीकरण में क्रीमी लेयर से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्णय के खिलाफ समुदायों में भारी रोष व आक्रोश है।"
उन्होने कहा कि इसको लेकर इन वर्गों के लोगों द्वारा आज ’भारत बंद’ के तहत सरकार को ज्ञापन देकर संविधान संशोधन के जरिए आरक्षण में हुए बदलाव को खत्म करने आदि की माँग जबरदस्त, जिसे बिना किसी हिंसा के अनुशासित व शान्तिपूर्ण तरीके से किये जाने की अपील। मायावती ने कहा “ एससी-एसटी के साथ ही ओबीसी समाज को भी आरक्षण का मिला संवैधानिक हक इन वर्गों के सच्चे मसीहा बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अनवरत संघर्ष का परिणाम है, जिसकी अनिवार्यता व संवेदनशीलता को भाजपा, कांग्रेस व अन्य पार्टियाँ समझकर इसके साथ भी कोई खिलवाड़ न करें।”
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बंद का समर्थन करते हुये एक्स पर पोस्ट किया “ आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है। ये शोषित-वंचित के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा। शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार होता है।”
उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह किया था कि संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसको लागू करनेवालों की मंशा सही होगी। सत्तासीन सरकारें ही जब धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान और संविधान द्वारा दिये गये अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी तो जनता को सड़कों पर उतरना ही होगा। जन-आंदोलन बेलगाम सरकार पर लगाम लगाते हैं।
यूपी में भारत बंद का आंशिक असर
अनुसूचित जाति और जनजाति संगठनों के भारत बंद के आवाहन का उत्तर प्रदेश में फिलहाल का आशिंक असर दिखा। बंद के दौरान लखनऊ,कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में दुकाने और व्यापारिक प्रतिष्ठान समय से खुले वहीं सड़क और रेल यातायात पर भी दोपहर 12 बजे तक बंद का कोई असर नहीं दिखा। स्कूल कॉलेज खुले हुये हैं और सड़कों पर भीड़भाड़ सामान्य दिनो की तरह दिखी। दलित बस्तियों में हालांकि गली कूचों की फुटकर दुकाने बंद रहीं। समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बंद का समर्थन किया है। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिये सुरक्षा बलों को चौकस कर दिया गया है।
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