शाहजहांपुर: एटीएम कार्ड बदलकर खाता खाली करने वाला गैंग पुलिस ने पकड़ा
शाहजहांपुर, अमृत विचार। एसओजी और खुदागंज पुलिस ने लोगों को झांसा देकर एटीएम से रुपये निकालने वाले गिरोह को पकड़ा है। गुरुवार रात पुलिस ने कार सवार चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से अवैध असलहा, डेबिट कार्ड, मोबाइल और कार बरामद हुई है। यह गैंग कई प्रांतों में वारदात को अंजाम दे चुका …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। एसओजी और खुदागंज पुलिस ने लोगों को झांसा देकर एटीएम से रुपये निकालने वाले गिरोह को पकड़ा है। गुरुवार रात पुलिस ने कार सवार चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से अवैध असलहा, डेबिट कार्ड, मोबाइल और कार बरामद हुई है। यह गैंग कई प्रांतों में वारदात को अंजाम दे चुका है। हिमाचल प्रदेश पुलिस से मिले इनपुट के बाद शाहजहांपुर पुलिस ने कार्रवाई की है। यह गैंग एटीएम में कार्ड बदलकर लोगों का खाता खाली कर देता था।
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू से इनपुट मिला था कि शाहजहांपुर जिले में एक गैंग सक्रिय है जो लोगों को झांसा देकर एटीएम रूम के अंदर उनका डेबिड कार्ड बदल लेते हैं और रुपये निकाल लेते हैं। सूचना के आधार पर एसओजी टीम के साथ खुदागंज पुलिस को लगाया गया था।
गुरुवार रात इसी सिलसिले में खुदागंज पुलिस के साथ एसओजी टीम कस्बे में चेकिंग अभियान चला रही थी। मझिला रोड से नहादेव मंदिर के पास एक कार दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार को रोककर उसमें सवार चारों व्यक्तियों की तलाशी ली। उनके पास से अवैध असलहा, डेबिट कार्ड, मोबाइल बरामद हुए। पकड़े गए चारों आरोपी हरियाणा के जिला हिसार थाना नार नौद क्षेत्र के गांव लुहारी निवासी राजेश सिंह, इसी जिले के थाना हॉसी क्षेत्र के गांव मसूदपुर निवासी मीनू, इसी गांव का कृष्ण व थाना हॉसी क्षेत्र के गांव ढाणी निवासी बलजीत हैं। इन आरोपियों के बारे में अन्य जिलों और प्रदेशों की पुलिस को सूचना दे दी गई है।
अगर उनके यहां ऐसी कोई घटना हुई है तो वे पूछताछ कर सकते हैं। जालसाजों के पास से एक लग्जरी कार, दो तमंचे, चार कारतूस, दो चाकू, पांच मोबाइल व तीन डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनसे अन्य घटनाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है।
ऐसे देते थे घटना को अंजाम
पूछताछ में जालसाजों ने बताया कि वे लोग सड़क किनारे एटीएम के पास अपनी कार खड़ी कर देते थे। दो व्यक्ति एटीएम के अंदर घुस जाते थे। जबकि एक एटीएम के बाहर खड़ा रहता था। चौथा व्यक्ति कार चलाने के लिए तैयार रहता था। जब कोई सीधा-साधा व्यक्ति एटीएम के अंदर जाता था तो वे लोग रुपये निकालते समय उसका पिन (पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर) ध्यान से देख लेते थे। इसके बाद उस व्यक्ति को झांसा देकर उसका डेबिट कार्ड बदल देते थे। इससे वे लोग रुपये निकाल लेते थे। घटना के बाद वह स्थान बदल देते थे और सड़क किनारे ढाबों आदि पर रात गुजारते थे। वे लोग हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, वेस्ट बंगाल, हरियाणा में घटना को अंजाम दे चुके हैं। उन्होंने एटीएम से रुपये निकालकर कार खरीदी है।
