ठेकेदार जाएंगे जेल, एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट, अगर नहीं किया यह काम, सीएम योगी ने दिया अल्टीमेटम

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पूर्वांचल के 8, पश्चिमी यूपी के 6 और अवध के 3 अधिशासी अभियंताओं पर गिर सकती है गाज

लखनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर घर नल से जल योजना में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न करने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लापरवाह ठेकेदारों को जेल भेजा जाएगा और एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिशासी अभियंताओं पर भी निलंबन की कार्रवाई होगी।

नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव की नाराजगी के बाद राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक ने सभी इंजिनियरों-ठेकेदारों को पत्र लिखा है। अधिशासी निदेशक बृजराज सिंह यादव ने जल निगम ग्रामीण के सभी अधिशासी अभियंताओं और जल जीवन मिशन के सभी ठेकेदारों को नवरात्रि से पहले सभी सड़कों को दुरूस्त करने और कनेक्शन वाले गांवों में नियमित जलापूर्ति करने को कहा है।

अधिशासी निदेशक की तरफ से लिखे गए पत्र में सभी अधिशासी अभियंताओं और ठेकेदारों को निर्देशित किया गया है कि शारदीय नवरात्रि यानि 3 अक्टूबर से पहले पाइपलाइन बिछाने के लिए काटी गई सड़कों की मरम्मत और रेस्टोरेशन का काम पूरा कर लिया जाए।

साथ ही जिन योजनाओं में एफएचटीसी रिपोर्ट किया गया। मगर वास्तविक रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। वहां तुरंत नल से क्लोरीन युक्त जल की नियमित सप्लाई की जाए। ऐसा न करने वाले संबंधित इंजिनियर और कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत न करने और कनेक्शन की गलत रिपोर्टिंग के मामले में डेढ़ दर्जन से अधिक अधिशासी अभियंताओं पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें पूर्वांचल के 8 अधिशासी अभियंता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तैनात 6 और अवध क्षेत्र में तैनात तीन अधिशासी अभियंताओं की शिकायतें सबसे ज्यादा है।

समीक्षा में सामने आई थी सड़क की मरम्मत न होने की शिकायतें

विभागीय समीक्षा के दौरान हाल ही में कई जिलों से ये शिकायतें आई थीं कि पाइपलाइन बिछाने और हाइड्रो टेस्टिंग के बाद भी सड़कों की मरम्मत का काम नहीं किया गया है। जिसकी वजह से दिक्कतें आ रही हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी इसको लेकर शिकायत की थी। पाइपलाइन बिछाने के लिए काटी गई सड़कों की मरम्मत का काम संबंधित एजेंसी का है। मगर कई एजेंसियां इस काम में लगातार लापरवाही बरत रही हैं।

नल कनेक्शन के बाद भी जलापूर्ति नहीं

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक ने नल कनेक्शन की गलत रिपोर्टिंग करने वाली एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिशासी निदेशक की तरफ से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि जिन योजनाओं में एफएचटीसी रिपोर्ट किया गया है। मगर वास्तविक रूप से पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। वहां बिना किसी देरी के पानी की सप्लाई शुरू की जाए। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना का लाभ मिल सके। ऐसा नहीं करने वाले इंजिनियरों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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