NHM: मांगों को लेकर अड़े CHO, चार दिन से कर रहे प्रदर्शन...अधिकारियों को दी नसीहत

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। 21 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) आंदोलनरत है, लेकिन बुधवार से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है। 17 हजार के करीब सीएचओ ने काम करने से मना कर दिया है। शनिवार को चौथे दिन भी प्रदर्शन इको गार्डन में जारी रहा है। बताया जा रहा है कि इको गार्डन में करीब 4 से 5 हजार सीएचओ लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज के दिन एक प्रदर्शनकारी महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

महिला की तबीयत बिगड़ने पर धरना दे रहे सीएचओ ने नारेबाजी भी की है और कहा कि प्रमुख सचिव होश में आयें। यदि किसी भी CHO साथी के साथ इस धरना प्रदर्शन में कुछ अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रमुख सचिव की होगी। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के महामंत्री योगेश उपाध्याय ने कहा है कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रमुख सचिव का रवैया CHO साथिंयों के साथ अच्छा नहीं है।

करीब 16 हजार से अधिक आयुष्मान मंदिर बंद हो गये हैं। मरीजों को टेली कंसल्टेंसी के जरिये परामर्श नहीं मिल पा रहा है और न ही दवायें उपलब्ध हो पा रही हैं। इतना ही नहीं टीकाकरण का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की मांग
 1. उत्तर प्रदेश राज्य संविदा कार्मिकों को रिजवी कमिटी के द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार समान काम समान वेतन दिया जाता है, इसके अनुसार CHO को 4800 ग्रेड पे के अनुसार वेतन निर्धारण तथा मंहगाई भत्ता भी दिया जाए। वहीं अन्य राज्यों में एनएचएम का वेतन निर्धारण किया जा चुका है जैसे मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार, मेघालय,मणिपुर। यूपी में भी वेतन निर्धारण जरूरी है।

2. नियमित कैडर निर्माण, 6 वर्ष पर नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करना, जिस प्रकार महाराष्ट्र , राजस्थान में NHM कर्मियों को नियमितीकरण का लाभ वर्ष 2024 में दिया।

3. सभी CHO को स्वेच्छिक स्थानांतरण का लाभ दिया जाए जिससे CHO भी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए, स्वस्थ मन से अपने कार्यस्थल पर कार्य कर सके।

4. AMS पर ऑनलाइन उपस्थिति जब तक स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होती है,तब तक CHO पर भी यह नियम लागू न हो।
 
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