प्रयागराज : पदोन्नति से जुड़े मामले पर पुलिस महानिदेशक से मांगा जवाब

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Published By Vinay Shukla
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अमृत विचार, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पदोन्नति के एक लंबित मामले में पुलिस महानिदेशक, लखनऊ को उनकी ओर से कार्य करने वाले पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर से नीचे के अधिकारी द्वारा दाखिल किए जाने वाले हलफनामे के माध्यम से यह बताएं कि इस मामले में उन्होंने अब तक क्यों नहीं विचार किया। उक्त आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की एकलपीठ ने अभय कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। 

याचिका पर अगली सुनवाई आगामी 5 सितंबर को होगी।दरअसल याची एसीपी का लाभ चाहता है। उसकी पदोन्नति को वर्ष 2020 से एक सीलबंद लिफाफे में रखा गया है। याचिका में वह विपक्षी के लिए निर्देश चाहता है कि सीलबंद लिफाफे को खोला जाए और उसकी पदोन्नति के मामले पर विचार किया जाए। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसके मामले में सीलबंद कर प्रक्रिया अपनाई गई है।

क्योंकि वह एक आपराधिक मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है और सरकारी आदेश दिनांक 28 मई 1997 में प्रावधान है कि लंबे समय तक मुकदमे चलने पर सीलबंद लिफाफा खोला जाना चाहिए और कर्मचारियों की अंनतिम पदोन्नति पर विचार किया जाना चाहिए।

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