बदायूं: बुखार से बच्ची की मौत; निजी चिकित्सक समझकर झोलाछाप से इलाज कराते रहे परिजन, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर

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Edited By Amrit Vichar
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विजय नगला, अमृत विचार। ग्रामीण क्षेत्र में बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाने के बाद भी गांवों में लोग बुखार से तप रहे हैं। बुखार से एक बच्ची की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार बच्ची का प्राइवेट चिकित्सक के क्लीनिक पर इलाज चल रहा था। 

थाना बिनावर क्षेत्र के गांव भगवानपुर निवासी सर्वेश कुमार की 8 साल की बेटी परी कक्षा 3 की छात्रा थी। उसे तीन दिनों से बुखार आ रहा था। सर्वेश कुमार के अनुसार निजी चिकित्सक से उसका इलाज चल रहा था। चिकित्सक के कहने पर उन्होंने जांच कराई गई तो उसे फेल्सीफेरम मलेरिया बुखार निकला था। 

बुधवार को छात्रा की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई थी। परिजन उसे दूसरे चिकित्सक के पास ले जा रहे थे लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर समरेर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामेश्वर मिश्रा और डॉ. दिनेश गंगवार पहुंचे। परिजनों से बात की। 

गांव में शिविर लगाकर जांच करके दवा दी। डॉ. दिनेश गंगवार ने बताया कि छात्रा को तीन दिन से बुखार आ रहा था। जांच में फेल्सीफेरम मलेरिया आया था। परिजन झोलाछाप से उसका इलाज करा रहे थे। गांव में लगभग तीन दर्जन लोग बुखार की चपेट में हैं।

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