Traffic Rules: भयंकर जाम से अब मिलेगी राहत, एक्टिव हुए TI और TSI 

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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- डीसीपी यातायात ने 10 दिनों में रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश
-रिपोर्ट के बाद एसओपी बनाकर संचालित होगा चौराहों पर यातायात

लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए जहां पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने थानों में तैनात 250 दरोगाओं और सिपाहियों का यातायात में स्थानांतरण कर दिया है। वहीं, डीसीपी यातायात ने टीआई और टीएसआई को अब अपने चौराहे को सही तरीके से संचालित करने को लेकर कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। 10 दिनों के अंदर पूरी रिपोर्ट तैयार कर टीआई और टीएसआई प्रस्तुत करेंगे। इसके आधार पर एक एसओपी (विशेष कार्ययोजना) तैयार की जाएगी। जिसके जरिए राजधानी की यातायात व्यवस्था को संचालित किया जाएगा।

डीसीपी यातायात प्रबल प्रताप सिंह के मुताबिक, चौराहों पर यातायात संचालन की जिम्मेदारी टीआई और टीएसआई को सौंपी गई है। उनके साथ सिपाही और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। पीक ऑवर्स में चौराहों पर जाम जैसी स्थिति हो जाती है। इससे निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी भी डीसीपी ने टीआई और टीएसआई को सौंपी है। टीआई और टीएसआई अपनी तैनाती वाले चौराहों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिसके आधार पर पूरी राजधानी की यातायात व्यवस्था को संचालित करने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी।

इन बिंदुओं पर तैयार करनी है रिपोर्ट

- किस चौराहे पर यातायात का कितना दबाव है।
- किस रोड पर कितना दबाव है, कितने समय में कम हो रहा है।

- किस समय ज्यादा दबाव है।
- कब कम दबाव होता है।

- कितने पुलिस के जवान तैनात किए जाने जरूरी हैं।
- चौराहे की बनावट कैसी है। क्या इसके कारण यातायात प्रभावित हो रहा है।

- चौराहे से 200 मीटर की दूरी तक सड़क पर कोई पेड़, बिजली के खंभे, ट्रांसफाॅर्मर, बूथ या अन्य कोई दिक्कत पैदा करने वाली वस्तु क्या है।
- चौराहे पर कितने कर्मचारी तैनात हैं। क्या और कर्मचारी चाहिए या संख्या कम की जा सकती है।

- सिग्नल सिस्टम किस तरह से काम कर रहा है।
- सिग्नल सिस्टम में क्या बदलाव करना पड़ेगा।

सिग्नल की टाइमिंग में सुधार

डीसीपी के मुताबिक, राजधानी के प्रमुख चौराहों पर टीम लगाकर सर्वे किया जा रहा है। इसमें सिग्नल सिस्टम पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि एक चौराहे पर ग्रीन सिग्नल होने के बाद क्या दूसरे चौराहे पर सिग्नल रेड है या ग्रीन। अगर वाहनों का दबाव बढ़ते समय तत्काल सिग्नल ग्रीन नहीं हो रहा है तो समयावधि को ठीक किया जाएगा। ताकि एक के बाद दूसरे चौराहे पर वाहनों को रुकना न पड़े। इससे जाम से काफी राहत मिलेगी। जिन रास्तों पर वाहनों का दबाव कम है। उनके सिग्नल का समय कम किया जाएगा।

250 पुलिस कर्मी बढ़ाए गए

पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए थानों में तैनात 250 दरोगा और सिपाही को ट्रैफिक लाइन में भेज दिया है। अब यातायात विभाग में पुलिस कर्मियों की संख्या 1000 हो गई है। वहीं, 500 होमगार्ड भी तैनात हैं। साथ ही व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए डीसीपी पूर्वी रहे प्रबल प्रताप सिंह और एडीसीपी अमित कुमावत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसीपी यातायात के मुताबिक, राजधानी के लोगों को जाम संबंधी दिक्कत न हो, सिग्नल सही से काम करे, इसके लिए आईटीएमएस (इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर कुछ व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा।

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