बाराबंकी: नहरों में पानी नहीं,सूख रहीं फसलें, किसान परेशान

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Edited By Amrit Vichar
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देवा, बाराबंकी, अमृत विचार। बारिश न होने के चलते धान की फसल खराब हो रही है, जिससे किसान परेशान दिख रहे हैं। वहीं करीब 10 दिनों से नहरों में पानी न आने से किसानों की मुसीबत और बढ़ गई है। किसान निजी संसाधनों से धान की सिंचाई करने को मजबूर हैं। जिसमें काफी खर्च आ रहा है। किसानों का कहना है यदि समय पर सिंचाई न की गई तो फसल कमजोर हो जाएगी और नुकसान उठाना पड़ेगा।

मालूम हो कि सीतापुर जनपद में बिसवां विकास खण्ड अंतर्गत शारदा नहर की एक पटरी करीब दस दिन पूर्व कट गई थी। जिसके चलते नहर का पानी बंद कर दिया गया था। नहरों में पानी न आने से धान की फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर किसानों पर इंद्रदेव भी मेहरबानी करने से गुरेज कर रहे हैं। किसान अपनी फसल को सूखने से बचाने के लिए निजी संसाधनों का सहारा ले रहे है जिसमे काफी खर्च लग रहा है। 

क्षेत्र के भगतपुरवा निवासी किसान बृजेश बताते हैं कि 6 बीघा खेत में धान की फसल लगी है। सिंचाई का साधन मात्र नहर है। जिसमें पानी नहीं आ रहा है। अब केवल बारिश की उम्मीद पर फसल टिकी है। सलारपुर निवासी किसान उदयभान कहते हैं कि चार बीघा धान की फसल में कीड़े लग गए हैं। सिंचाई के बाद ही दवा का छिड़काव होना है। नहर में पानी नहीं आ रहा है जो मात्र सिंचाई का साधन है। सरैया गांव निवासी राजेश की मानें तो नहर में पानी आने और बारिश का इंतजार करने के बाद पम्पिंग सेट से धान की सिंचाई कर रहा हूं। इसमें खर्च ज्यादा लग रहा है लेकिन फसल न सूख जाए इसलिए मजबूरी है। सिंचाई विभाग के जेई बद्री विशाल ने बताया कि शारदा सहायक की पटरी की मरम्मत होने के बाद 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। धीरे धीरे और पानी छोड़ा जाएगा। दो चार दिन बाद ब्रांचों में पानी आने लगेगा।

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