पीलीभीत: ...तो क्षेत्र में एक नहीं तीन-तीन बाघ, बारिश से थमी कॉबिंग, लोकेशन तलाश रही टीमें

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: मजदूर को निवाला बनाने वाले बाघ की धरपकड़ को लेकर चल रही तैयारियों पर बारिश ने पानी फेर दिया। वहीं हमलावर बाघ की लोकेशन भी नहीं मिल सकी है। बारिश के चलते निगरानी टीमें तो मौके पर डटी रहीं, लेकिन कॉबिंग का कार्य थम गया। इधर हमलावर बाघ को रेस्क्यू करने की तैयारी में जुटे वन अफसरों को घटनास्थल के आसपास तीन बाघों की मौजूदगी मिली है। ऐसे में रेस्क्यू करने के दौरान हमलावर बाघ की पहचान करना भी वन अफसरों के लिए खासी मुश्किल भरा हो सकता है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज की भैंरो बीट में बीते सोमवार को बाघ ने बांसखेड़ा निवासी केदारी लाल पर हमला कर मार डाला था। जिसको लेकर ग्रामीणों ने खासा बवाल किया था। बाघ पकड़ने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग पर दो घंटे बाद जाम खोला था।

इधर पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए बाघ को रेस्क्यू करने की अनुमति मांगी थी। अगले दिन शासन स्तर से बाघ को रेस्क्यू करने की अनुमति दे दी गई थी। बाघ को पकड़ने के लिए बीते सोमवार को ही घटनास्थल के समीप पिंजड़ा लगाते हुए दो शिफ्टों में वन कर्मियों की टीमों द्वारा लगातार 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

पीटीआर के हाथियों के माध्यम से रोजाना संबंधित जंगल क्षेत्र और उसके आसपास कॉबिंग की जा रही है। इधर अनुमति मिलने के बाद डिप्टी डायरेक्टर ने वन अफसरों संग मंथन कर बाघ को रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू की थी। एक दिन पूर्व डिप्टी डायरेक्टर ने टीम के साथ माला रेंज पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लेने के साथ बाघ को रेस्क्यू करने वाले को भी चिन्हित किया था।

वहीं, गुरुवार को हुई बारिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियों पर पानी फेर दिया। बारिश के चलते कॉबिंग भी रोक दी गई। हाथियों को वापस माला रेंज भेज दिया गया है। वन अफसरों के मुताबिक बारिश थमते ही काम को आगे बढ़ाया जाएगा।

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