बाराबंकी: ब्लैकमेल कर युवती से रेप, निकाह के बाद दिया तलाक

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Edited By Amrit Vichar
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युवक ने अपना धर्म छिपाया, धर्म परिवर्तन को किया मजबूर

बाराबंकी, अमृत विचार। घटना लव जिहाद से जुड़ी कई साल पुरानी और शहर की है, एक युवक ने अपना धर्म छिपाकर युवती को प्यार के जाल में फंसाया, इच्छा के विरूद्ध उससे रेप किया। सच जानने के बाद युवती के दबाव पर आरोपी ने उससे निकाह कर लिया। युवक का रवैया बदला, कुछ वक्त बाद गर्भवती युवती ने बच्चे को जन्म दिया तो युवक ने उसे मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी फिर तलाक दे दिया। उसके बाद से युवती अपने मायके में है। पुलिस से शिकायत की पर नहीं सुनी गई, आखिरकार सीजेएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की है। 

शहर की रहने वाली युवती ने कोतवाली पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट पर गुहार की, न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की है। प्रकरण कुछ यूं है कि वर्ष 2016 में शहर की एक युवती को मो आजम जैदी पुत्र खुर्शीद अब्बास जैदी निवासी देवां रोड, श्रीनगर कॉलोनी ने अपना धर्म छिपाकर प्यार के जाल में फंसाया। बाद में प्यार दोतरफा हो गया। तब युवक ने अपना नाम अमन बताया था। 

22 वर्ष की युवती से अमन ने माह जनवरी 2016 में सच्चे प्यार का सुबूत देने के लिए शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव डाला। युवती ने उसकी बात मान ली। इसी बीच युवती को युवक के वास्तविक धर्म का पता लग गया तो उसने विरोध किया लेकिन आरोपी ने उससे जबरन शारीरिक सम्बन्ध बनाया व बदनाम करने की धमकी दी। यह सिलसिला लंबा चला और युवती गर्भवती हो गयी, यह जानने के बाद युवती ने उस पर निकाह का दबाव डाला। 

माह सितम्बर 2016 मे दोनों ने निकाह कर लिया। वर्ष 2017 में युवती ने एक पुत्री को जन्म दिया। इसके बाद से ही आरोपी का पत्नी व पुत्री के प्रति रवैया बदल गया। उसने मारपीट करने के साथ ही धर्म बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। न मानने पर युवती व उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं विरोध करने पर आरोपी ने गैर मर्दों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव डाला। 

जनवरी 2024 में आरोपी ने पत्नी व पुत्री को छोड़ दिया और मौखिक व व्यक्तिगत तौर पर तलाक दे दिया। उसके बाद से आरोपी पत्नी व पुत्री से मिलने तक नहीं गया। युवती का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वह पुलिस के पास गई तो वहां भी अभद्रता की गई। आखिर में विवश होकर उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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