लखीमपुर खीरी: मानवता...अफसर हो तो एसडीएम जैसा.....दर्द से तड़प रही प्रसूता को पहुंचाया अस्पताल

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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मातहतों के साथ बाढ़ प्रभावित गांव लालबोझी गए थे एसडीएम निघासन

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। बाढ़ की विभीषिका के बीच प्रशासनिक अफसर ड्यूटी के साथ ही एक योद्धा की भी भूमिका निभा रहे हैं। सोमवार को निघासन एसडीएम राजीव निगम ने मानवता की मिशाल पेश की। बाढ़ प्रभावित गांव में दर्द से तड़प रही गर्भवती महिला को अपने सरकारी वाहन से सीएचसी निघासन भेजा। एसडीएम के इस कार्य की सभी सराहना कर रहे हैं।

बनबसा बैराज से शारदा नदी में छोडे गए पानी और पहाड़ी नदियों के उफनाने से जिले की नदियां उफान पर हैं और तबाही मचा रही हैं। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी सीमावर्ती गांवों में भरा हुआ है। काफी अधिक पानी होने के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। एक ता बाढ़ दूसरे बीमारियों से लोग पीड़ित है वह अपना इलाज कराने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। एसडीएम राजीव निगम सोमवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने तहसीलदार भीमचंद के साथ गए थे। वह नाव में सवार होकर जैसे ही बाढ़ से घिरे गांव लालबोझी पहुंचे। एसडीएम को देख गांव के रामकुमार में एक उम्मीद की किरण जगी। वह एसडीएम के पास पहुंचा और बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है। उसकी हालत बहुंच खराब है। वह दर्द से तड़प रही है। उसे वह अस्पताल तक नहीं ले जा पा रहा है। यह सुनते ही एसडीएम ने अपनी सरकारी गाड़ी मंगवाई। परिवार वाले पीड़िता को उसके घर से नाव के सहारे सड़क तक लाए। एसडीएम ने मानवता की मिशाल कायम रखते हुए उसे अपने सरकारी वाहन से निघासन सीएचसी भेजकर भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। एसडीएम के इस सराहनीय कार्य की ग्रामीण जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। 

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