बरेली: किला नदी पर अतिक्रमण चिह्नित, अब चलेगा बुलडोजर
बरेली,अमृत विचार। किला नदी की भूमि पर कब्जा कर बनाये गये मकान, दीवार, बाउंड्रीवाल समेत अन्य प्रकार से अवैध निर्माण पर अब बुलडोजर चलेगा। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गयी है। राजस्व टीम ने नदी की पैमाइश कर अतिक्रमण को चिह्नित कर लिया है। गोविंदापुर गांव से लेकर …
बरेली,अमृत विचार। किला नदी की भूमि पर कब्जा कर बनाये गये मकान, दीवार, बाउंड्रीवाल समेत अन्य प्रकार से अवैध निर्माण पर अब बुलडोजर चलेगा। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गयी है। राजस्व टीम ने नदी की पैमाइश कर अतिक्रमण को चिह्नित कर लिया है।
गोविंदापुर गांव से लेकर जसौली तक नदी की पैमाइश कर अतिक्रमणकारियों की नाम पते सहित कुंडली बनायी गयी है। तहसील सदर क्षेत्र में 13 गांवों से होकर नदी गुजरी है। ग्रामीण क्षेत्र में नदी की भूमि किसानों की भूमि के साथ मिली तो नगर निगम सीमा क्षेत्र में नदी की भूमि पर सर्वाधिक अतिक्रमण मिला है। तहसील सदर की सात सदस्यीय राजस्व टीम ने 14 अक्टूबर से नदी की पैमाइश शुरू की जो 2 नवंबर को समाप्त हुई।
इधर, मंगलवार दोपहर बाद से लेकर शाम तक टीम प्रभारी राजस्व निरीक्षक चंद्रसेन गंगवार के नेतृत्व में टीम ने पैमाइश की रिपोर्ट के आधार पर फाइनल रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट बुधवार दोपहर तक तैयार होने की उम्मीद है। टीम ने तहसीलदार सदर के कक्ष में बैठकर रिपोर्ट बनायी।
इधर, टीम प्रभारी चंद्रसेन गंगवार ने बताया कि नदी की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों की मोटी फाइल तैयार की जा रही है। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता कई बार कह चुके हैं कि अवैध कब्जों की रिपोर्ट मिलने के बाद कब्जेधारियों को नोटिस जारी किये जाएंगे। जिलाधिकारी नितीश कुमार भी कह चुके हैं कि जिन लोगों ने अवैध निर्माण किया है, उनके निर्माण ध्वस्त कराये जाएंगे।
इन बिंदुओं पर तैयार कर रहे रिपोर्ट
किस व्यक्ति ने कितनी नदी की भूमि पर कब्जा किया है, क्या निर्माण कराया, कितने लोगों ने भूमि बेचने की कोशिश की। कितने बेच चुके थे। नगर निगम सीमा क्षेत्र में किस तरह का अतिक्रमण है आदि बिंदुओं पर पैमाइश कर रिपोर्ट बनायी जा रही है।
चकबंदी की गलती भुगत रहे कई किसान
राजस्व टीम के प्रभारी बताते हैं कि आजादी होने के बाद पहली चकबंदी 1960 में हुई थी। तब चकबंदी करने वालों ने किला नदी की भूमि की पैमाइश बेढंग से कर दी। कई गांवों में नदी की भूमि नहीं है। नदी किसानों के खेतों से होकर गुजर रही है। राजस्व अभिलेखों में भी नदी का रकबा गायब है। इससे वे किसान परेशान हैं, जिनके खेत से होकर नदी सालों से बह रही है। चार स्थानों पर यह गड़बड़ी मिली है।
पैमाइश में नगर निगम ने नहीं किया सहयोग
नगर निगम सीमा क्षेत्र में ज्यादा दिन किला नदी की पैमाइश चली। तहसीलदार सदर द्वारा नगर आयुक्त को पत्र भेजने के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने पैमाइश करने में राजस्व टीम का सहयोग नहीं किया। राजस्व टीम प्रभारी चंद्रसेन गंगवार बताते हैं कि नगर निगम की टीम एक दिन पैमाइश में साथ चली। फिर दोबारा से अधिकारी नहीं आये।
