पन्नी में लपटे संविधान निर्माता, कब होगा लोकापर्ण : छह माह से अधिक समय से कैद हैं बाबा साहब

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Edited By Amrit Vichar
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छह लाख की लागत से तैयार हुई थी प्रतिमा

रीतेश श्रीवास्तव, बाराबंकी: संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की भव्य प्रतिमा पिछले छह माह से अधिक समय से काली पन्नी में कैद है। पूर्व सांसद के प्रयास से शहर के नाका सतरिख स्थित आंबेडकर प्रतिमा और प्लेटफार्म का नए सिरे से कायाकल्प कराया गया था। बकायदा छह लाख रुपये की लागत से बाबा साहब की प्रतिमा लाकर लगाई गई थी लेकिन इस प्रतिमा का आज तक लोकार्पण नहीं किया गया। सवाल यह उठता है कि पं.दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के अनावरण को लेकर जिस पर कार्ययोजना बनी तैयारियां हुई और सीएम के हाथों अनावरण हुआ तो क्या बाबा साहब की प्रतिमा का लोकार्पण को लेकर इसी तरह से तेजी नहीं दिखाई जा सकती है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शहर के विजय उद्यान पार्क में भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे पं.दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण इनकी जयंती की पूर्व संध्या पर किया था। इसके साथ ही जीआईसी ऑडिटोरियम में जनसभा को भी संबोधित किया था। वहीं दूसरी ओर शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहा कहे जाने वाले सतरिख नाका चौराहे पर लगी संविधान रचयिता बाबा डॉ.भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पिछले छह माह से अधिक समय से काली पन्नी में कैद हैं। इस प्रतिमा का लोकार्पण करने की अभी जरुरत नहीं समझी गई है। बताया जा रहा है कि इस प्रतिमा का निर्माण छह लाख रुपये की लागत से कराकर बाहर से मंगवाई गई है। प्रतिमा तो यहां स्थापित कर दी गई लेकिन उसे लोगों के लिए अर्पण नहीं किया गया। यहां बताना जरुरी होगा कि नाका सतरिख चौराहे पर स्थापित आंबेडकर पार्क पहले काफी नीचा था। बारिश के चलते अंदर तक जलभराव हो जाता था।

यह पार्क प्रचार-प्रसार करने का स्थान बन गया था लोग इसकी दीवारों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स तक टांग देते थे। सांसद रहते समय उपेंद्र रावत ने अपने प्रयास से जहां इस पार्क के प्लेटफार्म को ऊंचा कराया वहीं बाबा साहब की भव्य प्रतिमा भी बनवाकर यहां स्थापित कराई। कहा जाने लगा कि भव्य कार्यक्रम कर प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा लेकिन छह माह से अधिक का समय बीत चुका है बाबा साहब अभी भी पन्नी के अंधेरे में कैद हैं। इसे लेकर भाजपा समेत अन्य दल द्वारा भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि बाबा साहब सबके हैं।

पूर्व सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बाबा साहब की नई मूर्ति करीब छह लाख रुपये लागत की है और पूरे यूपी में इस तरह की अकेली मूर्ति है। नई मूर्ति स्थापित की जा चुकी है। वहीं पुरानी मूर्ति कमरे के भीतर लगवाई गई है। यहां पर लाइब्रेरी भी बनेगी। अनावरण के सवाल पर कहा कि प्रयास जारी हैं शीघ्र अनावरण करवाया जाएगा। वहीं, सांसद तनुज पुनिया ने बताया कि बाबा साहब की मूर्ति को इतने दिनों से काली पन्नी में लपेटकर रखने का कारण मेरी समझ से परे है। डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का जल्द आनावरण किया चाहिये। प्रतिमा का अनावरण क्यों नहीं हो रहा, इसे लेकर वह जिलाधिकारी से बात करेंगे।

 

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