4 हजार रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल पकड़ा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

 लेखपाल ने अपने आवास पर बुलाया था काश्तकार, टीम मेडिकल के बाद आरोपी लेखपाल को ले गई कोतवाली  

बिलासपुर/(रामपुर), अमृत विचार : तहसील के भीतर एंटी करप्शन ने एक किसान से घूस लेते एक लेखपाल को रंगे हाथों पकड़ लिया। पीड़ित से पूछताछ के बाद एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को कोतवाली ले आई और उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।

कोतवाली क्षेत्र के गांव नवाबगंज निवासी दीपक डोबाल खेती किसानी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसके अनुसार करीब डेढ़ माह पूर्व अगस्त में उसके पिता दीवान सिंह डोबाल का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। जिस कारण उसे अब वारिसान बनवाना था। इसके लिए उसने अपने लेखपाल केवेंद्र से संपर्क किया और वारिसान बनाए जाने की गुहार लगाई, लेकिन लेखपाल ने वारिसान बनाने के बजाए टाल-मटोल शुरू कर दी।

लेखपाल कई दिनों तक उसके साथ टाल-मटोल करता रहा। ज्यादा पीछा करने पर लेखपाल ने दीपक डोबाल से रिश्वत की मांग की। जिस पर मामला साढ़े छह हजार में तय हो गया। इस मामले में पीड़ित ने काफी परेशान हो जाने के बाद  एंटी करप्शन से संपर्क किया। जहां पूरी तैयारी होने के बाद  गुरुवार को पीड़ित तहसील पहुंचा। उसने लेखपाल को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में चार हजार रुपये दे दिए। रुपये लेकर जैसे ही लेखपाल ने अपनी जेब में रखे,तभी तहसील में खड़ी एंटी करप्शन की टीम ने पूरा मामला भांप लिया।

टीम ने लेखपाल और रिश्वत देने वाले दोनों को दबोच लिया। पूछताछ के बाद दोनों को कोतवाली ले आई।  लेखपाल का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया। एंटी करप्शन के उपनिरीक्षक इश्तियाक अहमद द्वारा कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर सौंपी गई। प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह का कहना है। लेखपाल के विरुद्ध जीरो एफआईआर दर्ज हो गई है। इस मामले की आगामी जांच और कार्रवाई एंटी करप्शन टीम द्वारा की जाएगी।

संबंधित समाचार