बरेली: डिप्टी सीएम से कराने जा रहे थे उद्घाटन, विधायक ने शुरू करवा दिया पुल
बरेली, अमृत विचार। लंबे इंतजार के बाद आईवीआरआई रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज पर बुधवार को बिना लोकार्पण के शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर आवागमन शुरू करा दिया। विधायक की अगुवाई में भाजपा नेता बैरियर को हटाकर पुल पर पैदल चलते रहे और पीछे से लग्जरी वाहन भी चलते रहे। कुछ …
बरेली, अमृत विचार। लंबे इंतजार के बाद आईवीआरआई रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज पर बुधवार को बिना लोकार्पण के शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर आवागमन शुरू करा दिया। विधायक की अगुवाई में भाजपा नेता बैरियर को हटाकर पुल पर पैदल चलते रहे और पीछे से लग्जरी वाहन भी चलते रहे।
कुछ ही देर में लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। करीब एक सप्ताह पहले पुल बनकर तैयार हुआ तो सेतु निगम ने पुल के लोकार्पण की तिथि निर्धारित करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा था। इसका उद्घाटन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से कराने की योजना थी लेकिन उप चुनाव और विधान परिषद के चुनाव के कारण पेंच फंस गया तो बिना औपचारिकता के आवागमन शुरू कर दिया गया है। इस दौरान सेतु निगम, लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं रहे क्योंकि चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है।
सपा सरकार में मार्च 2016 में आइवीआरआई ओवरब्रिज को मंजूरी मिली थी। इसके लिए शासन ने 38 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। इसमें रेलवे के हिस्से में करीब दस करोड़ रुपये और सेतु निगम को 28 करोड़ रुपये खर्च करने थे। बाद में देरी होने के कारण लागत 54 करोड़ हो गई। करीब दस दिन पहले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो गया था। इसकी जानकारी सेतु निगम ने आला अधिकारियों को भेज दिया। लोकार्पण की तिथि तय नहीं हो पाई थी क्योंकि एमएलसी चुनाव की घोषणा हो गई।
सुबह 9 बजे शहर विधायक डा. अरुण कुमार, पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब मम्मा, शशी सक्सेना, विष्णु अग्रवाल, अनिल सक्सेना, प्रवेश वर्मा, विक्रम सिंह के साथ पहुंचे। पुल पर सेतु निगम द्वारा लगाए भरी भरकम पत्थर के बैरियर को हटाकर पैदल पुल निकल पड़े। इस दौरान विधायक ने न तो फूल माला पहनी और न ही पूजन अर्चना की।
भारत माता की जय के नारे के साथ पुल पर पैदल ही निकल पड़े। इससे मतलब साफ है कि चुनाव आयोग का डर भी था और पुल खोलना मजबूरी भी थी। पुल पर आवागमन शुरू होते ही सबसे पहले भाजपाइयों के वाहन फर्राटे भरने लगे। इसके कारण पूरे दिन वाहनों का आवागमन होता रहा।
अंडरपास का विधायक अचानक कर चुके हैं उद्घाटन
बरेली। इसी ओवरब्रिज के अंडरपास को लेकर पिछले साल भाजपा और सपा नेताओं में खींचतान की स्थित पैदा हो गई थी। अंडरपास बन तैयार हो गया तो सपा नेता उद्घाटन करने की योजना तैयार कर रहे थे कि उनके शासन काल में पुल को मंजूरी मिली थी। इसी बीच शहर विधायक ने अचानक पहुंच कर उद्घाटन कर दिया। इस बार सपा नहीं चुनाव आयोग से डर था कि आचार संहिता लगी है।
