मुरादाबाद: बादलों में देर तक छिपा रहा चांद, दीदार को बेचैन रहीं सुहागिनें

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद,अमृत विचार। मन में खुद के लिए अखंड सौभाग्यवती की कामना और पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने पूरे दिन निर्जल उपवास रहकर उनकी जोड़ी को सलामत रखने की चौथ मैया से प्रार्थना की। ज्योतिष विधा के अनुसार रात 8:25 पर चांद के निकलने का समय था, लेकिन प्रदूषण के चलते सुहागिनों को …

मुरादाबाद,अमृत विचार। मन में खुद के लिए अखंड सौभाग्यवती की कामना और पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने पूरे दिन निर्जल उपवास रहकर उनकी जोड़ी को सलामत रखने की चौथ मैया से प्रार्थना की। ज्योतिष विधा के अनुसार रात 8:25 पर चांद के निकलने का समय था, लेकिन प्रदूषण के चलते सुहागिनों को 8:40 पर चांद का दीदार हुआ। महिलाओं ने छलनी में पहले चांद का दीदार किया और फिर पति को देखकर उनका आशीर्वाद लिया।

सुहागिनें सज संवरकर चांद को देखने के लिए रात आठ बजे से ही छतों पर जाकर चक्कर लगाती रहीं। वहीं कुछ जगहों पर बच्चे मां को चांद निकलने की पल पल की जानकारी देने के लिए छत पर खड़े रहे। चंद्रमा के नजर आते ही हर ओर छतों पर महिलाओं की भीड़ दिखी। सुहागिनों ने मिट्टी से बने करवे से चांद को अर्घ्य दिया। अर्घ्य देने के बाद छलनी में पति का मुंह देखकर उन्हीं के हाथों से पानी ग्रहण किया। सुहागिनों ने दीवारों पर चौथ माता की तस्वीर बनाकर माता की सफेद पुष्प, अक्षत, कुमकुम, हल्दी, श्रीफल, सिंदूर और दीपक से आरती की। चतुर्थी का व्रत होने से पहले भगवान गणेश की आराधना की गई। सुहागिनों ने हर रस्म रिवाजों को पूरा करने के बाद चौथ माता से पति की लंबी आयु और स्वस्थ्य रहने की कामना की। जिनके पति दूर थे, उन्होंने फोन पर विडियो कॉल कर पति से बात की और अपना व्रत खोला।

सास को बायना देकर मांगा सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद
शिव पार्वती की पूजा करने के बाद सुहागिनों ने सास को बायना देकर उनसे सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद लिया। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अपनी नंद और सास को बायना देने के लिए हफ्ते भर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। बताया कि सास के साथ चौथ माता की पूजा की और फिर उन्हें बायना देकर उनके साथ मंदिर में जाकर विधि विधान के साथ पूजन किया।

मेहंदी स्टॉल और ब्यूटी पार्लर पर खूब दिखी भीड़
एक ओर जहां करवाचौथ पर पति की दीघार्यु के लिए पत्नी निर्जल उपवास रखती हैं, वहीं दूसरी ओर करवाचौथ सुहागिनों के लिए सजने संवरने का पर्व भी है। यही कारण था कि करवाचौथ के मौके पर भी बुधवार को दिनभर पर बाजारों में महिलाएं मेहंदी रचाने वाले स्टॉल और ब्यूटी पार्लर में सजने संवरने को पहुंचती रहीं, जो महिलाएं करवाचौथ की पूर्वसंध्या पर मेहंदी नहीं लगवा पाई थीं, उन्होंने करवाचौथ के दिन ही मेहंदी लगवाई। दिन में करवा और पूजन सामग्री खरीदने वालों की भीड़ रही। करवा, फोटो और सीखों के साथ फलों आदि के साथ पूजन साम्रगी की खरीदारी होती रही।

जेल में पति की लंबी उम्र को धड़का दिल
करवाचौथ पर भले ही सुहागिन पति का दीदार न कर सकी हों, लेकिन उनकी लंबी उम्र के लिए सुहागिन कैदियों का दिल धड़का। जेल प्रशासन की ओर से सुहागिनों को पूजा साम्रगी मुहैया कराई गई। जिसके बाद सुहागिन कैदियों ने सलाखों के पीछे रहते हुए रीति रिवाज से पूजा कर चौथ माता से पति की लंबी आयु की कामना की और पूरे दिन निर्जल व्रत रखने के बाद जेल की चारदीवारी से ही चांद का दीदार किया और व्रत खोला। जेलर मृत्युंज्य पांडे ने बताया कि करवाचौथ पर्व को लेकर जेल में कैद 27 सुहागिनों को पूजा साम्रगी और उनके जरूरत का सामान मुहैया कराया गया।

चांद के इंतजार में नहीं लगा भूख का पता
सम्राट अशोक नगर निवासी विदुषी गुप्ता ने बताया कि चांद के इंतजार में और पति की लंबी उम्र के ख्याल ने भूख का एहसास नहीं होने दिया। रात को चांद निकला तो पति का चेहरा देख उनके हाथों से पानी पिया और व्रत खोला।

दिन भर लगती रही प्यास, लेकिन पति की लंबी उम्र की थी चिंता
सागर सराय स्थित नेहा शर्मा ने बताया कि दिन भर प्यास लगती रही, लेकिन दूसरी तरफ पति की लंबी उम्र का ख्याल उस प्यास को मारता रहा। चांद को देखने के बाद व्रत खोला और फिर मंदिर में पुजारी को बायना देकर चौथ माता से पति की दीघार्यु के लिए कामना की।

गीताज्ञान मंदिर में हुआ करवाचौथ का सामूहिक पूजन
करवाचौथ पर देर शाम से ही सुहागिनों ने गीताज्ञान मंदिर में हुंचना शुरू कर दिया। यहां करवाचौथ सामूहिक पूजन में सुहागिनों ने भगवान शिव-पार्वती और भगवान गणेश की परिक्रमा कर अपनी सास और पुजारी को बायना दिया और उनसे पति की लंबी आयु का आशीर्वाद लिया। इस दौरान सुहागिनों ने एक दूसरे को करवाचौथ की बधाई दी।

विडियो कॉल के जरिए देखा चांद का चेहरा
गोविंद नगर निवासी आयुष सिंह गौर इंडोनेशिया-म्यांमार बॉर्डर में फौज में देश की रक्षा के लिए तैनात हैं। करवाचौथ पर अपने घर न होने के कारण यहां उनकी पत्नी ने अपने चांद का चेहरा विडियो कॉल से देखा। नेन्सी गौर ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे पति बार्डर पर रहकर देश की बहनों के सुहाग की रक्षा के लिए तैनात हैं।

संबंधित समाचार