मुरादाबाद: दीपावली पर पीतल के दियों से रोशन होंगे विदेशी आंगन
मुरादाबाद,अमृत विचार। दीपावली पर विदेश के आंगन में मुरादाबादी पीतल के दिए रोशन करेंगे। वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों के खूबसूरत डिजाइन के साथ दिए तैयार किए गए हैं। यही नहीं अन्य धातु के भी दिए भी स्टॉल में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। निर्यातकों ने साल के आखिरी इस फेयर में धूम मचाने …
मुरादाबाद,अमृत विचार। दीपावली पर विदेश के आंगन में मुरादाबादी पीतल के दिए रोशन करेंगे। वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों के खूबसूरत डिजाइन के साथ दिए तैयार किए गए हैं। यही नहीं अन्य धातु के भी दिए भी स्टॉल में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। निर्यातकों ने साल के आखिरी इस फेयर में धूम मचाने के लिए कोई भी कोर कसर छोड़ी और आकर्षक उत्पादों को फेयर में शामिल किया। सुंदर स्टॉल तैयार किया, जिसकी चमक देखते ही बन रही है।
निर्यातकों व हस्तशिल्पियों के इस उत्साह से ईपीसीएच को उम्मीद कि वर्चुअल फेयर एतिहासिक हो सकेगा। ईपीसीएच प्रशानिक कमेटी के अध्यक्ष रवि पासी व महा निदेशक राकेश कुमार ने आईएचजीएफ मेले का 50वां संस्करण का शुभारंभ किया। उपाध्यक्ष राज कुमार मल्होत्रा, कमल सोनी, कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा भी मौजूद रहे।
वर्चुअल रूप में ऑटम फेयर जोरदारी के साथ विदेशी स्क्रीन पर आया। चार से नौ नवंबर तक आयोजित होने वाला यह ऑटम फेयर पहली बाद डिजिटल हो रहा है। हालांकि निर्यातकों के लिए यह दूसरा अनुभव है, जब उनके स्टॉल स्क्रीन के माध्यम से बायर्स के सामने होंगे। निर्यातकों ने फेयर में बेहतरीन कारोबार के लिए उत्पादों की बनावट से लेकर उनके चुनाव तक काफी मंथन किया। हस्तशिल्पियों, कारीगरों के साथ भी चर्चा की।
ईपीसीएच के अधिकारियों से भी परामर्श लिया। उसके बाद स्टाल पर उन्होंने एक बेहतरीन छाप छोड़ने के लिए सुंदर व आकर्षक बनाने का प्रयास किया। वर्चुअल मेले में जो स्टॉल सजाए गए हैं, उसमें त्योहारों और नए साल को ध्यान में रखते हुए उत्पादों को जगह दी गई है। दीपावली में तरह तरह के दिए, क्रिसमस पर विभिन्न प्रकार के लाइट्स, लैंप गिफ्ट, नए साल के उपलक्ष्य में अलग अलग तरह के कार्ड्स देखते ही बन रहे हैं। इसके अलावा फर्नीचर, कालीन, लकड़ी के खिलौने व अन्य कई उत्पादों की चमक ने पहले दिन से ही बायर्स को लुभाना शुरू कर दिया।
शुभारंभ पर बोले अफसर
केंद्रीय सचिव कपड़ा रवि कपूर ने विकास आयुक्त हस्तशिल्प शांतमनु ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने का अच्छा प्रयास है। अध्यक्ष रवि पासी ने कहा कि दो तिमाहियों में भारी नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई, पर बेहत परिणाम की उम्मीद है। उपाध्यक्ष राज कुमार मल्होत्रा ने कहा कि व्यापक प्रचार अभियान के साथ विक्रेताओं को शो में जोड़ा गया। महानिदेशक राकेश कुमार ने कहा कि 1994 से आईएचजीएफ़ दिल्ली मेले की यात्रा शुरू हुई। यह शो एक छत के नीचे हस्तशिल्प निर्यातकों की सबसे बड़ी मंडली के रूप में लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा प्रमाणित होने से पहचाने जाने लगा है। 25 हॉल से इसका प्रसारण हो रहा है, इसमें दो हजार से ज्यादा उत्पाद चमक बिखेरेंगे।
