जलवायु परिवर्तन से निपटने को निजी कंपनियों ने सरकार से मिलाया हाथ
नई दिल्ली। देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों ने गुरुवार को जलवायु परिवर्तन से निपटने और मजबूत अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। जिससे पेरिस समझौते के तहत अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारत को मदद मिल सके। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टेक महिंद्रा, डालमिया …
नई दिल्ली। देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों ने गुरुवार को जलवायु परिवर्तन से निपटने और मजबूत अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। जिससे पेरिस समझौते के तहत अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारत को मदद मिल सके।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टेक महिंद्रा, डालमिया सीमेंट, अंबुजा सीमेंट, डॉ रेड्डीज, सन फार्मा और अदानी ट्रांसमिशन जैसी कंपनियों के (मुख्य कार्याधिकारी) सीईओ ने जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर इंडिया सीईओ फोरम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ डिजिटल बैठक की।
उन्होंने चर्चा के बाद ‘जलवायु परिवर्तन पर निजी क्षेत्र की घोषणा’ जारी किया। जिसमें पेरिस समझौते के तहत भारत को अपने लक्ष्यों को हासिल करने में मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने का वादा किया गया है।
कंपनियों ने कहा कि उनका मकसद नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत ऊर्जा, सामग्री दक्षता, उन्नत प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी, जल दक्षता प्रक्रिया, योजनाबद्ध वनीकरण, अपशष्टि प्रबंधन और पुनर्चक्रण आदि को बढ़ावा देना है। कंपनियों ने स्वीकार किया कि भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और उसने चुनौती को सामने करने में अनुकरणीय नेतृत्व का प्रदर्शन किया है।
