अमरोहा : एसिड अटैक पीड़िता छात्रा की मौत, मेरठ में उपचार के दौरान तोड़ा दम

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मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव

अमरोहा, अमृत विचार : गांव के निजी स्कूल की कक्षा आठ की एसिड अटैक पीड़ित छात्रा यशोदा ने आखिर 36 घंटे मौत से लड़ने के बाद मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत के बारे में जिसने भी सुना सिर्फ यही आवाज आई कि दरिंदों को फांसी की सजा होनी चाहिए।

 हसनपुर तहसील क्षेत्र के रहरा थाना क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर पथरा मुस्तकम गांव  है। यहां किसान प्रकाश सिंह का परिवार रहता है। उनकी बेटी यशोदा का सोमवार तड़के करीब तीन बजे घर के बाहर हेडपम्प से पानी लेने के दौरान गांव के पिता-पुत्र ने अपहरण कर लिया था। दोनों आरोपी किशोरी का मुंह बंद कर पैदल ही गांव के बाहर ले गए थे। जहां उसके साथ मारपीट कर चेहरे सहित शरीर पर तेजाब डाल दिया था। इससे किशोरी का शरीर झुलस गया और उसके कपड़े भी जल गए थे। किशोरी चीखती हुई अपने घर लौटी और घर आकर बेहोश हो गई।

इसके बाद गंभीर अवस्था में परिजनों ने किशोरी को पहले रहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से उसे मेरठ रेफर किया था। इसके बाद पुलिस व परिजनों ने पीड़िता को मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। जहां  बर्न यूनिट में उसका उपचार चल रहा था। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि मंगलवार की सुबह पीड़िता की मौत हो गई। मंगलवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में लाया गया। जब यशोदा का शव घर पहुंचा तो वहां चीख पुकार मच गई। मृतका यशोदा के भाई की तहरीर पर पुलिस ने गांव निवासी योगेंद्र व उसके पिता प्रेमपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घटना की वजह पुरानी रंजिश बताते हुए जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। आरोप है कि आरोपी पिता-पुत्र ने पहले भी किशोरी के ताऊ की हत्या की थी तथा आरोपी अब तक पीड़िता के परिवार से रंजिश मानते थे।

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