शोपीस बना मटैरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर : हैदरगढ़ कस्बे से 11 किमी. दूर बनाए गए केंद्र से खटाई में पड़ा प्रोजेक्ट

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी: अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत बनवाया गया मटैरियल रिकवरी फैसिलिटी केंद्र हैदरगढ़ शो पीस बनकर रह गया। लगभग 50 लाख रुपए से ज्यादा लागत से बनवाए गए इस केंद्र के दो साल बीतने को है लेकिन अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए धरातल पर कार्यरत नजर नहीं आया।

पूर्व विधायक रहे सुंदरलाल दीक्षित की पुत्रवधू पूजा दीक्षित के अध्यक्षीय कार्यकाल में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत पर्याप्त धन की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई थी। नगर पंचायत से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर पड़ोसी क्षेत्र पंचायत त्रिवेदीगंज की ग्राम सभा ककरी की भूमि पर लगभग 52 लाख रुपए की कीमत से मटैरियल रिकवरी फैसिलिटी केंद्र का निर्माण व मशीनों की स्थापना कराई गई थी।

इस केंद्र पर हैदरगढ़ से आने वाले कूड़े का निस्तारण करते हुए कम्पोस्ट खाद तैयार करने का काम होना था। केंद्र की बिल्डिंग भी बनकर तैयार हो गई उसमें मशीनें भी रख दी गई लेकिन न ठेकेदार का भुगतान हो सका न ही मशीनों की आपूर्तिकर्ता कंपनी को ही भुगतान किया गया। बिल्डिंग के निर्माण करने वाले ठेकेदार मेंसर्स सूर्यभान सिंह का कहना है कि उनके लगभग 20 लाख रुपए बकाया हैं। 8 लाख 92 हजार रुपए की चेक जो नगर पालिका हैदरगढ़ द्वारा दी गई थी बाउंस हो गई।

मौजूदा चेयरमैन आलोक तिवारी का कहना है सरकार ने पहले स्वच्छ भारत मिशन का खाता पंजाब नेशनल बैंक से स्थानांतरित कर आईसीआईसीआई बैंक में कर दिया, तत्पश्चात निकाली गई जमा धन का ब्याज जो 5.77 लाख रुपए है को सरकार वापस तो मांग ही रही है, साथ ही जमाधान को भी वापस ले लिया है। वहीं ईओ अशोक कुमार कहते हैं कि किसी को कोई भुगतान नहीं किया गया

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