बरेली: एप्लाइड डिग्री को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
बरेली,अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सरकारी नौकरी मिलने में दिक्कतें हो रही हैं। इसकी वजह विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री में एप्लाइड शब्द लिखा होना है। मौजूदा समय में यूपी टीजीटी की भर्ती निकली हैं। इसके लिए छात्र आवेदन करना चाहते हैं लेकिन एप्लाइड डिग्री होने के चलते वह आवेदन …
बरेली,अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सरकारी नौकरी मिलने में दिक्कतें हो रही हैं। इसकी वजह विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री में एप्लाइड शब्द लिखा होना है। मौजूदा समय में यूपी टीजीटी की भर्ती निकली हैं। इसके लिए छात्र आवेदन करना चाहते हैं लेकिन एप्लाइड डिग्री होने के चलते वह आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
छात्रों के प्रदर्शन करने पर कुलपति बाहर आए और कार्य परिषद की बैठक में समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। कुलपति केपी सिंह ने छात्रों को दीपावली की छुट्टी के बाद 19 या 20 नवंबर को आने के लिए कहा है। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद छात्र वापस चले गए।
विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी के नेतृत्व में एमएससी व अन्य पाठ्यक्रमों के छात्रों ने दोपहर कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। छात्र चीख-चीख कर कह रहे थे कि एमएससी कोर्स से एप्लाइड शब्द हटाए जाए। नारेबाजी करते हुए छात्र फर्श पर बैठ गए। करीब आधे घंटे बाद कुलपति बाहर आए। उसके बाद छात्रों ने कुलपति को अपना ज्ञापन दिया और मांग की उन्हें एप्लाइड शब्द से नौकरी मिलने में दिक्कत आ रही है। यूपी टीजीटी में एप्लाइड शब्द की वजह से आवेदन नहीं हो रहा है। उन्होंने मांग की 27 नवंबर तक उन्हें एप्लाइड शब्द हटाकर नई डिग्री जारी कर दी जाए।
छात्रों से कुलपति ने कहा कि 14 साल से चली आ रही समस्या का हल निकालकर इस वर्ष से डिग्री से एप्लाइड शब्द हटा दिया है। पहले से डिग्री प्राप्त कर चुके छात्रों के लिए समकक्ष प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इस पर छात्रों ने कहा कि यूपी टीजीटी में समकक्ष वालों का आवेदन मान्य नहीं है। कुलपति से वार्ता के दौरान कुछ अधिकारियों ने जवाब देने की कोशिश की तो छात्रों की उनसे नोकझोंक हो गई।
इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मांग की है कि पीएचडी की लंबित चयन प्रक्रिया अविलंब पूर्ण की जाए। विश्विद्यालय की स्नातक और परास्नातक के ऑनलाइन आवेदनों को दोबारा शुरू किया जाए ताकि छूटे हुए छात्रों को दोबारा मौका मिल सके। बीएड, एमएड एवं अन्य बचे पाठ्यक्रमों के परिणाम जल्द घोषित किये जायें। विश्विद्यालय परिसर एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में 33 प्रतिशत सीटों की वृद्धि की जाए।
प्रदर्शन करने वालों में एबीवीपी के महानगर विस्तारक आकाश, महानगर मंत्री गौरव यादव, योगेश पंडित, उज्ज्वल ढाका, निहार त्यागी, रवि प्रताप सिंह, हर्ष अग्रवाल, अमन तोमर, सौरभ सोनकर, ईशु आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
