बरेली: इको फ्रेंडली दीपावली मनाएं, पर्यावरण को रखें सुरक्षित
बरेली,अमृत विचार। दीपावली पर दीपों के अलावा तेज ध्वनि वाले पटाखे फोड़े जाते हैं, जो ध्वनि प्रदूषण तो करते ही हैं, साथ ही वायु प्रदूषण भी बढ़ाते हैं। दीपावली के आसपास प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ जाता है कि कई लोगों का सांस की तकलीफ हो जाती है। ऐसे में अब समय की जरूरत है …
बरेली,अमृत विचार। दीपावली पर दीपों के अलावा तेज ध्वनि वाले पटाखे फोड़े जाते हैं, जो ध्वनि प्रदूषण तो करते ही हैं, साथ ही वायु प्रदूषण भी बढ़ाते हैं। दीपावली के आसपास प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ जाता है कि कई लोगों का सांस की तकलीफ हो जाती है। ऐसे में अब समय की जरूरत है कि हम ग्रीन दीपावली मनाने की ओर कदम बढ़ाएं जो प्रदूषण से रहित हो।
दीपावली खुशियों का त्योहार है। लेकिन इन खुशियों को समेटने के प्रयास में कई बार हम पर्यावरण को बेहद नुकसान पहुंचा देते हैं। इसलिए इस बार प्रयास करें कि इलेक्ट्रॉनिक लाइटों के स्थान पर मिट्टी के दीपकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। इससे मिट्टी के दीपक बनाने वाले को भी आर्थिक मदद मिलेगी। इसके अलावा हमारी पुरातन परंपरा का भी निर्वहन होगा।
इसके अतिरिक्त बिजली की बचत भी होगी आजकल देखने में आया है कि बाजारों में घरों की सजावट के लिए कई आर्टिफिशियल प्लास्टिक व फाइबर का सामान मिलता है। ये दिखने में जरूर सुंदर होते हैं, लेकिन इनके उपयोग से घर प्राकृतिक खुशबू जैसे नहीं महक सकते। इनके स्थान में प्राकृतिक फूलों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ लोग तो असली फूलों के रंगों से रंगोली भी बनाते हैं। यह प्रयास रहना चाहिए कि दीपावली पर घर को सजाने के सामान में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम हो।
