संभल: मिट्टी की ढांग में दबकर मामा भांजे की मौत

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संभल। बहजोई क्षेत्र के एक गांव में नलकूप की कुईंया से ईंटें निकालते समय मामा-भांजे अचानक गिरी मिट्टी के नीचे दब गए। जिन्हें निकालने के लिए करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाहर निकाला गया। तत्पश्चात उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। …

संभल। बहजोई क्षेत्र के एक गांव में नलकूप की कुईंया से ईंटें निकालते समय मामा-भांजे अचानक गिरी मिट्टी के नीचे दब गए। जिन्हें निकालने के लिए करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाहर निकाला गया। तत्पश्चात उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

कोतवाली बहजोई क्षेत्र के गांव बेरीखेड़ा में किसान नेमसिंह (40) पुत्र देवी प्रसाद शुक्रवार की शाम को गांव के ही निकट अपने खेत में नलकूप के बोरिंग खराब होने पर उसकी कुईंया से ईंटें निकालने गए थे। जहां वह अपने 10 वर्षीय भांजे रिंकू पुत्र श्योराज के साथ कुईंया में घुस गया और गांव के ही अन्य युवक राजवीर को ऊपर ईटें पकडऩे के लिए खड़ा कर दिया।

करीब शाम साढ़े पांच बजे जैसे ही तीनो लोग काम कर रहे थे कि अचानक मिट्टी धंस कर उनके ऊपर गिर गई, जिससे नेमसिंह और उसका भांजा रिंकू मिट्टी के नीचे दब गया। जिसके तुरंत बाद ऊपर खड़े राजवीर ने शोर मचाना शुरू कर दिया और इसकी सूचना ग्रामीणों को मिली तो वह बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने हादसे की सूचना तत्काल एंबुलेंस और पुलिस को दी, जिसके बाद पाठकपुर के चौकी प्रभारी दीपक कश्यप भी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए।

करीब आधे घंटे बाद जेसीबी को भी मौके पर लाया गया, जिसकी मशक्कत के चलते शाम साढ़े सात बजे दोनों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए बहजोई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों मौत से घर में मातम पसर गया। स्वजनों का रो रो कर बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और जेसीबी के जरिए दोनों को निकालने की कड़ी मशक्कत की। बावजूद इसके देरी होने के चलते दोनों की जान नहीं बच सकी।

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