कासगंज: दहेज हत्यारोपी सास, ससुर को नहीं मिली जमानत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी कोर्ट में हुई सुनवाई

कासगंज, अमृत विचार। दहेज हत्यारोपी सास और ससुर को एससी, एसटी कोर्ट से जमानत नहीं मिली है। न्यायालय ने आरोपियों की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया है।

दरअसल, सहावर थाना क्षेत्र के ग्राम मंडनपुर निवासी अनार सिंह ने अपनी बेटी गुलाब श्री की शादी दो साल पहले होडिल सिंह पुत्र मेघसिंह निवासी नगला समस, थाना कासगंज के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ की थी। शादी में अपनी क्षमता अनुसार दान-दहेज भी दिया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर तरह-तरह से गुलाब श्री का उत्पीड़न करने लगे।

इस संबंध में गुलाब श्री ने अपने पिता को बताया, तो उन्होंने बेटी के ससुराल वालों को समझाया-बुझाया, लेकिन वे नहीं माने। बीती 24 जुलाई को फोन पर गुलाब श्री की मौत की सूचना मिली। सूचना पाकर अनार सिंह अपने परिजनों और परिचितों के साथ कासगंज के अशोक नगर स्थित चिकित्सालय पर पहुंचे, तो वहां गुलाब श्री मृत अवस्था में मिली। मामले की प्राथमिकी अनार सिंह ने सास, ससुर और दामाद के विरुद्ध कासगंज कोतवाली में दर्ज कराई। घटना के नामजद आरोपी सास ईश्वरी देवी और ससुर मेघसिंह ने स्वयं को गांव की पार्टी बंदी के चलते प्रकरण में झूठा फंसाया जाना बताया और जमानत पर रिहा किए जाने की याचना की। जिसका विशेष लोक अभियोजक लोकेश कुमार ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी कोर्ट ने दहेज हत्यारोपी सास और ससुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

संबंधित समाचार