बरेली: जिले में डेंगू ने पसारे पैर, रहें सावधान
बरेली,अमृत विचार। जिले में आलमपुर-जाफराबाद ब्लाक के गांव मजनूपुर में डेंगू के चार मरीज मिल चुके हैं। 16 और लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं, जिनकी जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। डेंगू जिले में पैर पसार रहा है। बच्चों का रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसके चलते डेंगू मच्छर के काटने …
बरेली,अमृत विचार। जिले में आलमपुर-जाफराबाद ब्लाक के गांव मजनूपुर में डेंगू के चार मरीज मिल चुके हैं। 16 और लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं, जिनकी जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। डेंगू जिले में पैर पसार रहा है। बच्चों का रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसके चलते डेंगू मच्छर के काटने पर उन पर जल्द प्रभाव दिखाई देता है। ऐसे में बच्चों का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है।
अभिभावक बच्चों पर नजर रखें कि वह घर से बाहर पूरे कपड़े पहनकर जाएं। जहां खेलते हों, वहां आसपास गंदा पानी न जमा हो। बहुत छोटे बच्चे खुलकर बीमारी के बारे में बता भी नहीं पाते, इसलिए अगर बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा हो, लगातार सोए जा रहा हो, बेचैन हो, उसे तेज बुखार हो, शरीर पर रैशेज हों, उलटी हो या इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। बच्चों को डेंगू हो तो उन्हें अस्पताल में रखकर ही इलाज कराना चाहिए, क्योंकि बच्चों में प्लेटलेट्स जल्दी गिरते हैं और उनमें डीहाइड्रेशन (पानी की कमी) भी जल्दी होती है।
डाक्टर से तुरंत मिले
अगर तेज बुखार हो, जॉइंट्स में तेज दर्द हो या शरीर पर रैशेज हों तो पहले दिन ही डेंगू का टेस्ट करा लेना चाहिए। अगर लक्षण नहीं हैं, पर तेज बुखार बना रहता है तो भी फिजिशियन के पास जरूर जाएं।
डेंगू के लक्षण दिखें तो यह न करें
- अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां रखें।
- इन दिनों के बुखार में सिर्फ पैरासिटामोल ले सकते हैं। एस्प्रिन बिल्कुल न लें क्योंकि अगर डेंगू है तो एस्प्रिन या ब्रूफिन आदि लेने से प्लेटलेट्स कम हो सकती हैं।
- मामूली खांसी आदि होने पर भी अपने आप कोई दवा न लें।
मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय - घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, रुकी हुई नालियों को साफ करें।
- अगर पानी जमा होने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें।
- रूम कूलरों, फूलदानों का सारा पानी हफ्ते में एक बार और पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करें, उन्हें सुखाएं और फिर भरें।
- घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें। अगर रखें तो उलटा करके रखें।
- डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें।
- रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
“डेंगू से बचने के लिए एहतियात बहुत जरूरी है। बच्चों में यह बीमारी ज्यादा फैलती है, इसलिए बच्चों के प्रति सचेत रहे। जिले में अभी एक क्षेत्र ही प्रभावित है। इसकी रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।” -डा. देशराज सिंह , जिला मलेरिया अधिकारी
