बरेली: शहला ताहिर के केस में तहसीलदार की गर्दन फंसी, होगी कार्रवाई

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बरेली, अमृत विचार। नगर पालिका परिषद नवाबगंज की चेयरपर्सन शहला ताहिर के पिछड़ी जाति के प्रमाणपत्र के फर्जी होने के मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में सुनवाई में लेखपाल को भेजकर तहसीलदार फंस गए हैं। मामले में 25 अगस्त को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में सुनवाई थी। लेखपाल के सुनवाई में आने को लेकर …

बरेली, अमृत विचार। नगर पालिका परिषद नवाबगंज की चेयरपर्सन शहला ताहिर के पिछड़ी जाति के प्रमाणपत्र के फर्जी होने के मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में सुनवाई में लेखपाल को भेजकर तहसीलदार फंस गए हैं।

मामले में 25 अगस्त को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में सुनवाई थी। लेखपाल के सुनवाई में आने को लेकर आयोग ने सख्त ऐतराज जताया है। नाराजगी जताते हुये आयोग ने चिट्ठी जिलाधिकारी को भेजी। आयोग पहले से प्रशासन से नाराज चल रहा है। अभी तक अधिकारी शहला ताहिर की जाति के बारे में पुष्ट जानकारी नहीं जुटा सके हैं।

चिट्ठी आने के बाद अधिकारी भी सकते में आ गये। आयोग में पेश न होने पर डीएम के आदेश की अवहेलना का दोषी मानते हुए तहसीलदार के खिलाफ अपर जिलाधिकारी नगर ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को भेजी है।

रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुये अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) वीके सिंह ने तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण तलब हुए कई दिन हो गए, लेकिन तहसीलदार ने जवाब नहीं दिया है। जवाब न भेजने से तहसीलदार की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि तहसीलदार का जवाब आने के बाद कार्रवाई तय होगी। इधर, कलेक्ट्रेट में चर्चा तेजी से चल रही है कि तहसीलदार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होनी वाली है। जवाब का इंतजार है।

नवाबगंज तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। शासन नहीं, अभी मामले की जांच चल रही है। जल्द कार्रवाई होगी। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी

आगरा में कुछ नहीं मालूम हुआ, डीएम ने निवास स्थान सिरे से खारिज किया
शहला के पिता की जाति का सत्यापन जिलाधिकारी आगरा से कराया गया। जिसमें आगरा डीएम ने बताया कि शहला पुत्री प्यारे अली निवासी 23/41 चाप चौकी, आगरा को कोई नहीं जानता है। न ही उनकी जाति के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त हुई है।

वर्तमान में उक्त पते के मकान में बबलू पुत्र खुशनूत अमहद बतौर किरायेदार रहते हैं। जिनका शहला व उसके पिता से कोई संबंध नहीं है। इनका कोई परिजन भी पते पर नहीं रहता। स्थानीय पार्षद बच्चू सिंह ने भी शहला के पिता के नाम से किसी के रहने से इनकार किया।

श्री तेज बहादुर खालसा जूनियर हाईस्कूल माईथान आगरा से प्राप्त टीसी की छायाप्रति व पूछताछ से भी शहला ताहिर की जाति के संबंध में नाम के स्थान पर शैलवी पुत्री प्यारे अली और जाति व धर्म के कॉलम में केवल (मु) लिखा है। जिससे इनकी जाति सत्यापित नहीं होती है। सितंबर माह में जिलाधिकारी आगरा की ओर से भेजी गयी जांच आख्या में शहला ताहिर के पिता के निवास स्थान को सिरे से खारिज कर दिया गया।

शहला की जाति सत्यता जानने को स्क्रूटनी समिति कर रही जांच
आगरा में कुछ जानकारी नहीं मिलने के बाद शहला ताहिर के मूल निवास स्थान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। इस बीच यह बात सामने आई कि शहला की पढ़ाई शाहाबाद, जनपद हरदोई में हुई थी।

प्रकरण में नवाबगंज, आगरा के बाद हरदोई का नाम जुड़ने के बाद शहला का जाति प्रमाणपत्र सही है या फर्जी, इसकी सत्यता जानने के लिए जिला प्रशासन नये सिरे से जांच करा रहा है। शहला के जाति प्रमाण का सत्यापन जिला स्क्रूटनी कमेटी कर रही है। अपर जिलाधकारी (नगर) महेंद्र कुमार सिंह की पैरवी पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) वीके सिंह के निर्देश पर जिला स्क्रूटनी समिति जांच कर रही है।

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