दिवाली से पहले आतिशबाजी करना पड़ेगा भारी, लगा प्रतिबंध
मुम्बई। पूरे भारत में दिवाली का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। देश में सभी वर्गों के लोगों को बेसब्री से इस त्योहार का इंतजार रहता है। दिवाली में लोग आमतौर पर जमकर आतिशबाजी करते हैं। कुछ तो त्योहार आने के कुछ दिनों पहले से ही पटाखे जलाने शुरू कर देते हैं। …
मुम्बई। पूरे भारत में दिवाली का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। देश में सभी वर्गों के लोगों को बेसब्री से इस त्योहार का इंतजार रहता है। दिवाली में लोग आमतौर पर जमकर आतिशबाजी करते हैं। कुछ तो त्योहार आने के कुछ दिनों पहले से ही पटाखे जलाने शुरू कर देते हैं।
ऐसे में देश में चल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने दिवाली से पहले पटाखे जलाने और आतिशबाजी करने पर प्रतिबंध लगाने की सोमवार को घोषणा की। नगर निगम ने हालांकि 14 नवम्बर को लक्ष्मी पूजा वाले दिन छोटे पटाखे जलाने की अनुमति दी है। नगर निगम के अनुसार मुम्बईवासी अपने निजी क्षेत्र में अनार और फुलझड़ी जला सकते हैं।
बीएमसी ने एक परिपत्र में लोगों से दिवाली कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए एहतियात के साथ मनाने का आग्रह किया। राज्य सरकार के दिवाली पर पटाखे ना जलाने की अपील करने के बाद बीएमसी ने यह घोषणा की है। सरकार ने कहा था कि पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण से कोविड-19 के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने महामारी के दौरान वायु प्रदूषण से बचने के लिए बीएमसी से पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की संभावना का पता लगाने के लिए कहा था।
इसके बाद राज्य के जन स्वास्थ्य मंत्री रोजेश टोपे ने पटाखा मुक्त दिवाली का प्रस्ताव रखा। हाल ही में कोविड-19 की संभावित दूसरी लहर की तैयारियों के लिए कोविड-19 कार्यबल के वरिष्ठ सदस्यों की समीक्षा बैठक में टोपे ने कहा था कि पटाखे जलाने से फेफड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कई अन्य राज्य भी दिवाली से पहले पटाखे जलाने के संबंध में इस तरह की घोषणा कर चुके हैं।
